बीना: क्षेत्र में मौसम ने अचानक करवट ली तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि से अन्नदाताओं के चेहरों पर चिन्ताओ की लकीरें स्पष्ट देखी गई, बीना मंडीबामोरा क्षेत्र सेमरखेड़ी निवोदा, बेरखेड़ी माफी सहित अनेक ग्रामों में फसल हुई आड़ी,दाने बिखरे हुए हैं खेतों से सड़कों तक बिछी ओलो की सफेद चादर, खून पसीने की मेहनत पर ओले पानी की मार,कुछ ही मिनटों में खेतों से लेकर सड़कों तक बर्फ की सफेद चादर बिछ गई।प्रकृति के इस उग्र रूप ने किसानों के साल भर के अरमानों को चकनाचूर कर दिया है।
खेतों में बिछ गई ‘सोने’ जैसी फसल वर्तमान में खेतों में गेहूं,चना और सरसों की फसलें पूरी तरह पककर तैयार थीं। कई जगह कटाई का काम शुरू हो चुका था, लेकिन इस बेमौसम मार ने ओलों की चोट से गेहूं की बालियां टूटकर जमीन पर गिर पड़ी।खबर लगते ही सुबह विधायक निर्मला सप्रे मंडी बामोरा क्षेत्र उन स्थलों पर पहुंची जहां पर किसी अन्नदाताओं की फैसले चौपट हो गई उन्होंने तुरंत फोन पर बात कर शीघ्र सर्वे करा कर मुआवजा देने की बात रखी वही किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर, सीताराम ठाकुर सहित अनेक अपनी टीम के साथ भी खेतों में पहुंचे और पहुंच कर शासन से सर्वे कराकर अन्नदाताओं को मुआवजा देने की मांग की।
किसानों का कहना है इससे आने वाली फसल पर काफी असर पड़ेगा फसलों के कलर बदलने से इसकी कीमतों पर भी असर पड़ेगा। ओलों का आकार बड़ा था।गांवों में ओलों का आकार इतना बड़ा था कि कुछ ही मिनटों में खेतों से लेकर सड़कों तक बर्फ की सफेद चादर बिछ गई।प्रकृति के इस उग्र रूप ने किसानों के साल भर के अरमानों को चकनाचूर कर दिया है।खेतों में बिछ गई ‘सोने’ जैसी फसल वर्तमान में खेतों में गेहूं, चना और सरसों की फसलें पूरी तरह पककर तैयार थीं। कई जगह कटाई का काम शुरू हो चुका था, लेकिन इस बेमौसम मार ने ओलों की चोट से गेहूं की बालियां टूटकर जमीन पर गिर गईं। चने और सरसों का नुकसान चने के झाड़ उखड़ गए और सरसों की फलियां झड़ जाने से दाना पूरी तरह बर्बाद हो गया।
