
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में शुक्रवार को सोम डिस्टिलरीज के मामले में सुनवाई हुई। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ के समक्ष याचिकाकर्ताओं और सरकार ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं। समयाभाव के चलते न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को निर्धारित की है। गौरतलब है कि इससे पहले जस्टिस विशाल मिश्रा और जस्टिस संदीप एन भट्ट की एकलपीठों ने मामले पर सुनवाई से इनकार कर दिया था। इसके बाद चीफ जस्टिस के आदेश पर मामला जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच में नियत किया गया।
दरअसल मध्य प्रदेश सरकार ने 4 फरवरी को शराब कंपनी सोम डिस्टिलरीज का लाइसेंस रद्द कर दिया था। जिसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। तत्कालीन आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने सोम डिस्टिलरीज के सभी लाइसेंस निलंबित कर दिए थे। रायसेन जिले में स्थित सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड और मेसर्स सोम डिस्टिलरीज प्रालि. का लाइसेंस आबकारी आयुक्त ने सस्पेंड कर दिया है। तत्कालीन आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार कंपनियों के संचालक प्रतिनिधि, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अपर सत्र न्यायालय, देपालपुर जिला इंदौर के एक प्रकरण में पारित निर्णय के आधार पर कार्रवाई की गई थी। इसमें कहा गया है कि उच्च न्यायालय इंदौर द्वारा संबंधित आपराधिक अपीलों में सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई गई हैए लेकिन दोषसिद्धि अभी भी प्रभावी है।
