
भोपाल। राजधानी के हमीदिया अस्पताल में नवजात को मृत घोषित किए जाने के बाद सामने आए चौंकाने वाले दावे ने पूरे मामले को संवेदनशील बना दिया है। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल से मृत्यु प्रमाण पत्र मिलने के कई घंटे बाद बच्ची में सांस लेने और शरीर में हलचल जैसे संकेत दिखाई दिए।
परिवार के अनुसार, प्रसव के कुछ समय बाद डॉक्टरों ने नवजात को मृत बता दिया और रात में औपचारिकताएं पूरी कर डेथ सर्टिफिकेट भी दे दिया गया। हालांकि, करीब चार घंटे बाद जब पिता नवजात को देखने एनआईसीयू पहुंचे, तो उन्हें बच्ची में हल्की हरकत और सांस जैसी गतिविधि महसूस हुई। इस घटना का वीडियो भी परिजनों ने रिकॉर्ड किया है, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं।
घटना के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि डॉक्टरों का कहना है कि मामला बेहद जटिल चिकित्सकीय स्थिति से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम की जांच की बात कही जा रही है, जिसके बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
