भिंड: नेशनल हाईवे-719 पर टोल प्लाजा तोड़फोड़ मामले में प्रकरण दर्ज होते ही आंदोलनकारी विरोध में सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान एक आंदोलनकारी ने सिर मुंडन कराकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने टोल वसूली को अवैध बताते हुए सरकार के रवैए को जमकर कोसा।‘नो रोड, नो टोल’ अभियान के तहत टोल प्लाजा पर प्रदर्शन किया गया था। आंदोलनकारियों का कहना है कि हाईवे का चौड़ीकरण और मरम्मत कार्य अधूरा है, इसके बावजूद टोल वसूली जारी रखी जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान जब टोल प्रबंधन ने कैमरों के माध्यम से टोल कटिंग शुरू की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई और आक्रोशित भीड़ ने हल्का उपद्रव कर दिया। इस दौरान 1-2 सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाया गया। घटना के बाद टोल प्लाजा प्रबंधन ने सख्त रुख अपनाते हुए बसपा नेता रक्षपाल सिंह सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। प्रकरण दर्ज होने की खबर फैलते ही आंदोलन से जुड़े लोगों में नाराजगी और बढ़ गई, जिसके चलते दोबारा विरोध प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी रोमी चौहान ने टोल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा का टेंडर वर्ष 2025 तक ही था, इसके बावजूद वसूली जारी है, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने इसे टोल घोटाला करार देते हुए सरकार और टोल प्रबंधन के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया
