
सिंगरौली। जिला मुख्यालय बैढ़न के समीपी गनियारी में पीजी कॉलेज के लिए आरक्षित शासकीय भूमि पर बेजा करने वालों पर आज दिन सोमवार को तहसीलदार सविता यादव एवं पटवारी उमेश नामदेव एवं पुलिस की मौजूदगी में बुल्डोजर चला। जहां आज करीब 15 मकानों को जमीदोज करा दिया गया। कल दिन मंगलवार को भी शेष मकानों पर बुल्डोजर चलेगा।
दरअसल गनियारी में पीजी कॉलेज के लिए शासकीय भूमि आरक्षित है। किंतु आरोप है कि शासकीय भूमि में करीब तीन दर्जन लोगों ने मकान बना कर निवास करने लगे थे। यहां बताते चले कि 15 मार्च 2024 को तहसील दफ्तर नगर सिंगरौली के यहां से बेदखली आदेश पारित किया जा चुका था। इसके बाद 18 जुलाई 2024 को भी नोटिस देकर अतिक्रमित भूमि को मुक्त किये जाने के लिए नोटिस जारी की गई थी। इसके बावजूद अतिक्रमण कारियों ने कब्जा नही हटाया। तत्पश्चात पिछले दिनों 12 मार्च को तहसीलदार सिंगरौली नगर के यहां से करीब तीन दर्जन अतिक्रमण कारियों को नोटिस देकर 16 मार्च के पूर्व अपना कब्जा हटाने के लिए अंतिम बेदखली नोटिस दी गई। आज तहसीलदार सविता यादव के साथ-साथ राजस्व एवं पुलिस अमला बुल्डोजर लेकर पहुंचा और शासकीय भूमि पर बने मकानों को जमीदोज करा दिया गया। बताया जा रहा है कि आज करीब डेढ़ दर्जन मकानों पर बुल्डोजर चला है। शेष कल दिन मंगलवार को भी ध्वस्त कराया जाएगा। हालांकि इस दौरान सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वाले अतिक्रमणकारियों नेे विरोध भी नही किया। उन्हें पता था कि यह कार्रवाई होनी है।
कलेक्टर व कमिश्नर ने किया था स्थल का निरीक्षण
जिला मुख्यालय बैढ़न में पीजी कॉलेज के लिए प्रस्तावित भूमि स्थल का पिछले सप्ताह एक दिवसीय प्रवास पर आये संभाग आयुक्त रीवा एवं कलेक्टर सिंगरौली ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया था। जहां सरकारी भूमि में अवैध मकानों के निर्माण को देख संभागायुक्त ने जिला अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुये कहा था कि सरकारी भूमि को तत्काल मुक्त कराएं। कमिश्नर रीवा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। हालांकि शासकीय भूमि से बेदखली आदेश करीब डेढ़ साल पूर्व तहसील सिंगरौली नगर के तहसीलदार कार्यालय से पारित हो चुका था। लेकिन उसका क्रियान्वयन कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रही।
घरों में पहुंची थी बिजली और अमृत जल योजना पहुंचाने की तैयारी
जानकारी के अनुसार उक्त बस्ती के सरकारी भूमि में करीब-करीब सभी घरों में बिजली कनेक्शन है। साथ ही अमृत जल योजना के तहत पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पाइप लाइन का कार्य भी प्रक्रिया में था। इसके अलावा यहां पर करीब आधा दर्जन से अधिक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मंजूर हितग्राहियों के मकान बने हैं। हितग्राहियों ने खुद बताया कि नगर निगम अमला ने आवास निर्माण के दौरान निरीक्षण भी किया था। तब हितग्राहियों ने वहां पर मकान बनाया था। हितग्राहियों का कहना है कि उसी वक्त नगर निगम के अमले रोका क्यों नही। फिर शासकीय भूमि पर बिजली कनेक्शन क्यों कराया गया। हालांकि इसका जवाब किसी के भी पास भी नही है।
इनका कहना:-
पीजी कॉलेज के लिए आवंटित शासकीय भूमि पर करीब 34 व्यक्तियों ने कब्जा कर अतिक्रमण कर लिया गया था। आज 15 अतिक्रमणकारियों से जमीन मुक्त कराया गया है। शेष कल मंगलवार को अतिक्रमण से भूमि को मुक्त करा दिया जाएगा। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सभी के पास कहीं न कहीं खुद की जमीने हैं।
सविता यादव
तहसीलदार, सिंगरौली नगर
