बुधनी। सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाओं का एक और मामला सामने आया है. बीतीरात इमरजेंसी वार्ड में भर्ती तीन मरीजों को कंबल नहीं मिलने पर परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा कर दिया.
जानकारी के अनुसार वार्ड 12 निवासी नरेश बामने अपनी पत्नी दीपा, बहू राखी और बेटी मीना की तबीयत बिगडऩे पर उन्हें सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे थे. डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद तीनों को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर ड्रिप लगाई. आशंका जताई जा रही है कि दूषित भोजन के कारण उनकी तबीयत खराब हुई थी. इलाज के दौरान मरीजों को ठंड लगने लगी. परिजनों ने अस्पताल स्टाफ से कंबल उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन आरोप है कि तत्काल कंबल नहीं दिए गए. नाराज परिजनों ने विरोध जताया. मामला बढ़ता देख स्टाफ ने दूसरे वार्ड से कंबल मंगवाकर मरीजों को उपलब्ध कराया. सुबह मरीजों की हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे. एक मरीज को इमरजेंसी वार्ड के बाहर बेंच पर लिटाए जाने पर लोगों ने नाराजगी जताई. बाद में स्टाफ ने मरीज को वार्ड में शिफ्ट कर दिया.
मामले में सीबीएमओ डॉ. डी. बड़ोदिया ने बताया कि अस्पताल में चादर और कंबल की व्यवस्था है, लेकिन कई बार मरीज या उनके परिजन अपने साथ ले जाते हैं, जिससे कमी की स्थिति बन जाती है.
कांग्रेस नेता विक्रम मस्ताल शर्मा ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस अस्पताल परिसर में आंदोलन करेगी. बताया जाता है कि करोड़ों रुपए की लागत से बने सिविल अस्पताल में अव्यवस्थाओं की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं. हाल ही में खराब डीप फ्रीजर में रखे एक अज्ञात शव के सडऩे से अस्पताल परिसर में दुर्गंध फैलने का मामला भी चर्चा में रहा था.
