इंदौर: केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं जैसे मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, स्वनिधि, मुद्रा, वृद्ध एवं विधवा पेंशन योजनाएं संचालित की जा रही हैं. इसके तहत पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है, हालांकि, कुछ क्षेत्रों में प्रक्रियात्मक देरी और प्रशासनिक चुनौतियों के कारण पात्र लोगों को समय पर मदद न मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं. इससे संबंधित हितग्राही परेशान हो रहे हैं.ऐसा ही मामला महू नाका क्षेत्र के वार्ड 67 स्थित बल्दा कॉलोनी में सामने आया है, जहां वृद्ध एवं विधवा पेंशन योजना का लाभ कई लोगों को लंबे समय से नहीं मिल पा रहा है. क्षेत्र में अधिकांश लोग मजदूर और निम्न आय वर्ग वाले निवासरत हैं.
यहां रहने वाली महिलाओं और बुजुर्गों से बातचीत करने पर पता चला कि किसी की पेंशन पिछले आठ महीनों से बंद है, तो किसी की पेंशन को बंद हुए करीब दस साल हो चुके हैं, वहीं कुछ हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें आज तक पेंशन योजना का लाभ ही नहीं मिल पाया. हालांकि पेंशन की राशि ज्यादा नहीं है, फिर भी हितग्राहियों को करीब 600 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जो कि गरीब परिवारों के लिए यह राशि भी काफी अहम मानी जाती है. इन पैसों से वे अपनी छोटी-मोटी जरूरतें पूरी कर लेते थे. पेंशन बंद होने से कई लोगों में नाराजगी और निराशा का माहौल है. क्षेत्र के हितग्राही चाहते हैं कि शासन-प्रशासन इस समस्या पर ध्यान देते हुए जल्द से जल्द पेंशन योजना को सुचारू रूप से चालू कराए, ताकि जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके.
यह बोले हितग्राही…
बस दो बार पैसे मिले, उसके बाद करीब 10 साल हो गए, पेंशन बंद हो चुकी है. झोन भी गए थे, वहां से बोला गया कि ऊपर से ही बंद कर दी गई है.
– शशिकला बाई
आठ महीने से मेरी पेंशन बंद है, जब झोन पर जाकर बात की तो उन्होंने फॉर्म भरवाकर कहां कि फार्म ऊपर पहुंचाएंगे, पेंशन चालू हो जाएगी, लेकिन आज तक पेंशन चालू नहीं हुई.
– त्रिवेणी बाई
पति को गुजरे बारह वर्ष हो चुके हैं, उस समय सहायता की राशि भी नहीं दी, विधवा पेंशन भी चालू नहीं की गई. कई बार फॉर्म जमा किए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती.
