
भोपाल। इस वर्ष पवित्र रमजान का महीना चांद दिखने के बाद 2 मार्च से शुरू हुआ। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार यह महीना रोजा, इबादत, दान और आत्मसंयम का समय माना जाता है। रमजान के दौरान जुम्मे शुक्रवार की नमाज की विशेष अहमियत होती है, इसलिए इन दिनों मस्जिदों में नमाजियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है।
इस साल रमजान के महीने में कुल चार जुम्मे पड़ रहे हैं। पहला जुम्मा 6 मार्च को, दूसरा 13 मार्च को, तीसरा 20 मार्च को और चौथा 27 मार्च को आएगा। इन जुम्मों पर रोजेदार खास तौर पर मस्जिदों में पहुंचकर जुमे की नमाज अदा करते हैं और मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआ मांगते हैं।
रमजान का हर दिन और खासकर जुम्मे का दिन इबादत और नेक कामों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इस दौरान लोग अधिक से अधिक इबादत, कुरआन तिलावत और जरूरतमंदों की मदद करने पर जोर देते हैं।
