कोलकाता | मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने बंगाल दौरे के अंतिम दिन बेलूर मठ में मत्था टेका और राज्य की जनता को निर्भीक होकर मतदान करने का भरोसा दिलाया। रामकृष्ण मिशन के साधुओं से मुलाकात के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग का प्राथमिक लक्ष्य बंगाल में पूरी तरह से हिंसा मुक्त और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना है। उन्होंने कहा कि श्री रामकृष्ण और स्वामी विवेकानंद की इस पावन भूमि से वे प्रदेश के भाई-बहनों को आश्वस्त करते हैं कि कानून-व्यवस्था पर आयोग की पैनी नजर है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस दौरे के दौरान उन्हें भारी राजनीतिक विरोध का भी सामना करना पड़ा। एयरपोर्ट से लेकर दक्षिणेश्वर स्काईवॉक तक, विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले को काले झंडे दिखाए और ‘गो-बैक’ के नारे लगाए। तृणमूल कांग्रेस और वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए इस विरोध के बावजूद आयोग की बेंच ने अपना कार्यक्रम जारी रखा। इससे पहले सोमवार को कालीघाट मंदिर में पूजा के दौरान भी उन्हें कुछ समय के लिए रुकावटों का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्होंने जनता से बिना डरे वोट देने की अपील की थी।
दौरे के समापन से पूर्व चुनाव आयोग की पूरी बेंच राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, पुलिस महानिदेशक (DG) और केंद्रीय बलों के नोडल अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेगी। इस बैठक में संवेदनशील मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और केंद्रीय बलों की तैनाती के खाके पर अंतिम चर्चा की जाएगी। दोपहर 12 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोग अपने दौरे के निष्कर्ष साझा करेगा, जिसके बाद पूरी टीम दिल्ली के लिए रवाना होगी। आयोग के कड़े रुख से साफ है कि आगामी चुनावों में सुरक्षा के इंतजाम बेहद पुख्ता रहने वाले हैं।

