
उज्जैन। मामा के घर से 8 लाख रूपये लेकर लौट रहे युवक और उसके दोस्त को शुक्रवार-शनिवार रात तीन नकाबपोश बदमाशों ने रास्ते में रोक लूट लिया। पुलिस ने बदमाशों की तलाश शुरू की। तभी पता चला कि लूट का मुख्य षडयंत्रकारी दोस्त है। उसे हिरासत में लिया और तीन अन्य बदमाशों को भी दबोच लिया गया। रविवार को न्यायालय में पेश कर चारों को रिमांड पर लिया गया है। चिमनगंज थाना प्रभारी गजेन्द्र पचौरिया ने बताया कि नागेश्वरधाम कालोनी में रहने वाला अनुराग पिता राजेन्द्रसिंह आंजना शुक्रवार शाम दोस्त अनिरूद्ध सेन के साथ तराना तहसील के ग्राम हालूखेड़ी में मामा ईश्वरसिंह के यहां पहुंचा था। जहां से 8 लाख रूपये लेकर एक्टिवा क्रमांक एमपी 13 ईवी 9130 से दोनों वापस उज्जैन लौट रहे थे। ग्राम सायरखेड़ी के पास बिना नम्बर की गाड़ी से आये 3 नकाबपोश बदमाशों ने रोका और बहन-बेटी के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए दोनों को सूनसान जगह ले गये। जहां मारपीट कर एक्टिवा की डिक्की में रखे 8 लाख रूपये लूटकर भाग निकले। अनुराग ने मामले की सूचना चिमनगंज थाना पुलिस को दी। तत्काल एसआई जयदीप राठौर, एएसआई दिनेश भाट, आरक्षक आनंद मिश्रा, सर्वेश और मनोज की टीम गठित की। इस दौरान अनुराग के दोस्त अनिरूद्ध पिता धर्मेन्द्र सेन निवासी गुदरी चौराहा पर संदेह हुआ, जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो वह टूट गया और अपने 3 साथियों रोहित पिता राकेश बनोलिया 23 साल निवासी तिरुपतिधाम कालोनी, आलोक उर्फ बुद्धा पिता लालू उर्फ अनिल लोट 22 साल निवासी दिल्ली दरबाजा भैरवगढ और यश पिता विनेश सोलंकी 23 सार्ल निवासी द्रविड़ मार्ग बहादुरगंज के साथ मिलकर लूट करना स्वीकार कर लिया। थाना प्रभारी के अनुसार चारों आरोपियों के गिरफ्त में आने पर उनके पास से लूटे गये 8 लाख में से 5 लाख रूपये बरामद कर लिये गये हंै।
