महू: कोदरिया क्षेत्र में आलू चिप्स कारखानों से निकलने वाले जहरीले पानी और प्रदूषण को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है. गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे महू एसडीएम राकेश परमार के नेतृत्व में एक प्रशासनिक दल कोदरिया गांव पहुंचा और वहां संचालित चिप्स कारखानों की जांच की.टीम ने क्षेत्र के कारखानों का निरीक्षण किया, जहां कई स्थानों पर कारखानों से निकलने वाला कचरा और अपशिष्ट खेतों में फैला हुआ पाया गया. अधिकारियों ने मौके पर जांच के बाद नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तीन आलू चिप्स कारखानों को सील कर दिया. इस कार्रवाई में तहसीलदार विवेक सोनी, तहसीलदार राधा बल्लभ धाकड़ और पटवारी विजय भावसार सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल थे.
कारखाने में नाबालिग काम करता मिला
निरीक्षण के दौरान एक कारखाने में नाबालिग से काम कराने का मामला भी सामने आया. तहसीलदार विवेक सोनी ने मौके पर एक नाबालिग को काम करते हुए पकड़ा. अधिकारियों ने संचालकों को कड़ी फटकार लगाई और प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है. जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से कारखानों से निकलने वाले अपशिष्ट और दूषित पानी को खुले में छोड़ा जा रहा था. इससे आसपास के खेतों और जल स्रोतों के प्रदूषित होने की शिकायतें मिल रही थीं. ग्रामीणों का आरोप था कि इन कारखानों के कारण बदबू और गंदगी फैल रही है, जिसका खेती और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है
