ईरान-इज़रायल युद्ध : छठे दिन अज़रबैजान तक पहुंची युद्ध की चिंगारी, दोहा में सुने गए धमाके

तेहरान/तेल अवीव 05 मार्च (वार्ता) ईरान और अमेरिका-इज़रायल के बीच जारी युद्ध के छठे दिन अज़रबैजान भी संघर्ष के घेरे में आ गया।

अज़रबैजान ने अपनी सरजमीं के एक हवाई अड्डे पर धमाके के बाद कहा कि ईरान के ड्रोन उसके ठिकानों पर हमला कर रहे हैं। इस बीच, कतर की राजधानी दोहा में भी धमाके सुने गये।

अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि ईरान की ओर से दागे गए कई ड्रोन उनके क्षेत्र में गिरे हैं। इनमें से एक ड्रोन ने हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग को क्षतिग्रस्त किया है, जबकि दूसरा एक स्कूल भवन के पास जाकर गिरा। मंत्रालय ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जतायी और साथ ही ईरान से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि इस तरह की घटना दोबारा न हो। साथ ही मंत्रालय ने अज़रबैजान में ईरान के राजदूत को अपनी कड़ी प्रतिक्रिया ज़ाहिर करने के लिए तलब किया।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग केवल अमेरिका, इजरायल, यूरोप और अन्य पश्चिमी सहयोगियों के जहाजों के लिए बंद है। आईआरजीसी ने यह भी दावा किया कि उसकी नौसेना ने फारस की खाड़ी में एक अमेरिकी तेल टैंकर को निशाना बनाया। इस हमले के बाद जहाज पर भीषण आग लग गयी। आईआरजीसी ने कहा कि खाड़ी और हिंद महासागर के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य पर उनका ‘पूर्ण नियंत्रण’ है।

दूसरी ओर इज़रायल द्वारा ईरान के खिलाफ हमलों की एक नयी लहर शुरू करने की घोषणा के बाद तेहरान और करज के आसमान धमाकों की गूंज से दहल उठे। इज़रायली सेना ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान के भीतर चुनिंदा ठिकानों पर अपने सैन्य अभियान को और तेज कर रही है।

ईरानी रेड क्रेसेंट सोसाइटी ने इस युद्ध के मानवीय पक्ष पर एक भयावह रिपोर्ट जारी की है। संस्था के अनुसार, पिछले शनिवार से अब तक अमेरिकी और इज़रायली सेनाओं द्वारा कुल 1,332 हमले किए जा चुके हैं। इन भीषण सैन्य कार्यवाहियों में अब तक ईरान में 1270 और लेबनान में 77 लोगों की मौत हो चुकी है।

इस दौरान युद्ध की आग ईरान की सीमाओं से बाहर निकलकर कतर तक पहुंच गयी। कतर की राजधानी दोहा के ऊपर आसमान में गुरुवार को कई शक्तिशाली विस्फोट सुने गए। जानकारी के अनुसार, कतर की रक्षा प्रणालियों ने राजधानी की ओर आ रही मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया है, जिससे क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त रहा। कतर ने एहतियात के तौर पर दोहा में अमेरिकी दूतावास के पास रहने वाले लोगों को कुछ समय के लिए दूसरी जगह भेजना भी शुरू कर दिया।

इस बीच, लेबनान के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी इज़रायली बमबारी जारी है। ताजा हमलों में दक्षिणी लेबनान के गांवों में आठ लोगों की मौत हो गयी। सरकारी नेशनल न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में अल-क़लैलाह के पास सुबह-सुबह एक इज़रायली ड्रोन ने एक कार पर हमला किया, जिसमें तीन लोग मारे गये। पूर्वी लेबनान में ज़हले रोड पर एक कार को निशाना बनाकर किये गये एक और ड्रोन हमले में दो और लोग मारे गये।

हिंद महासागर में भी युद्ध की परछाईं पहुंची है। श्रीलंका सरकार के अनुसार, एक और ईरानी युद्धपोत उनके प्रादेशिक जल क्षेत्र में है। यह घटना उसी क्षेत्र के पास हो रही है जहां बुधवार को एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी पोत को नष्ट कर दिया था।

ईरान ने श्रीलंका के पास हिंद महासागर में हुए हमले में डूबे ईरानी नौसैनिक पोत आईरिस डेना पर मारे गए नाविकों के सभी शव उसे सौंपे जाने का अनुरोध किया है, ताकि उन्हें अंतिम संस्कार के लिए स्वदेश ले जाया जा सके।

श्रीलंकाई मीडिया डेली मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा किये गये टॉरपीडो हमले के बाद जहाज के डूबने से मारे गये करीब 90 नाविकों के शवों को गाले स्थित राष्ट्रीय अस्पताल करापिटिया लाया गया है।

खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों को देखते हुए इटली ने इन देशों को वायु रक्षा सहायता देने का फैसला किया है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक रेडियो कार्यक्रम में कहा कि वह इन देशों के लिए वायु रक्षा सहायता देने की योजना बना रही हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों में हज़ारों की तादाद में इतालवी लोग रहते हैं। साथ ही यहां इतालवी सैनिक भी तैनात हैं, जिनकी रक्षा करना ज़रूरी है।

दूसरी ओर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि वह ईरान में सेना उतारने की संभावना को ख़ारिज नहीं कर सकते। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में अपने दौरे के दौरान कहा कि अगर ज़रूरत पड़ी तो कनाडा उचित समय पर अपने साथियों की सहायता करेगा।

स्पेन, फ्रांस और नीदरलैंड्स के बाद अब इटली ने भी ईरानी ड्रोन हमलों के मद्देनजर आने वाले दिनों में साइप्रस की सुरक्षा के लिये अपनी नौसेना भेजने का फैसला किया है। इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने गुरुवार को संसद को यह जानकारी दी।

श्री क्रोसेटो ने कहा, “हम अकेले देश नहीं हैं जो इस स्थिति का सामना कर रहे हैं और हम सभी को मदद के लिए निवेदन मिला है। हम मिलकर जांच कर रहे हैं, जिसमें ज़िम्मेदारी कैसे बांटनी है, यह भी शामिल है।”

इससे पूर्व, स्पेन के रक्षा मंत्री ने एक बयान में कहा कि वह साइप्रस की मदद के लिए सेना भेजेंगे। यूनान और फ्रांस ने ब्रिटेन के एयर बेस को साइप्रस में बनाए जाने के बाद मदद भेजने का निर्णय लिया।

इसके अतिरिक्त, अमेरिकी हमले में ईरान की राजधानी तेहरान में गुरुवार को 12,000 सीटों वाला एक स्पोर्ट्स स्टेडियम नष्ट हो गया।

ईरान ने अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के उन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है। ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि उनके देश का एटम बम बनाने का कोई इरादा नहीं है।

ईरान ने इराक के कुर्द क्षेत्र में अलगाववादी समूहों को निशाना बनाते हुए सैन्य अभियान शुरू किया है। इससे पहले, यह खबरें थी कि अमेरिका और इजरायल इन समूहों को हथियार और गोलाबारूद आपूर्ति करेंगे।

 

 

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