नयी दिल्ली, 05 मार्च (वार्ता) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आठ मार्च को दिल्ली में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर दिल्ली मेट्रो के दो नए कॉरिडोर मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर (पिंक लाइन) और दीपाली चौक से मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) का उद्घाटन किया जाएगा।
श्रीमती रेखा गुप्ता ने सभी परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि ये परियोजनाएं देश की राजधानी को सही मायनों में ‘विकसित दिल्ली’ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी। इन परियोजनाओं से राजधानी की सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का विस्तार होगा, जिससे लोगों को आने-जाने में आसानी होगी, साथ ही सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी और प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम दिल्ली के डीडीए उत्सव स्थल-3 (निरंकारी मंडल के सामने) में सुबह आयोजित होगा।
उन्होंने बताया कि मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर सेक्शन की लंबाई 12.3 किलोमीटर है और इसमें 8 एलिवेटेड स्टेशन हैं। यह कॉरिडोर पहले से संचालित मजलिस पार्क-शिव विहार पिंक लाइन का हिस्सा है। इस सेक्शन के जुड़ने से पिंक लाइन की कुल लंबाई लगभग 71.56 किलोमीटर हो जाएगी और दिल्ली को देश की पहली पूर्ण रूप से संचालित ‘रिंग मेट्रो’ मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर पर मजलिस पार्क, बुराड़ी, झड़ौदा माजरा, जगतपुर-वजीराबाद, सूरघाट, नानकसर-सोनिया विहार, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार और मौजपुर-बाबरपुर स्टेशन होंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक का कॉरिडोर मैजेंटा लाइन का हिस्सा है जिसकी लंबाई 9.92 किलोमीटर है और इसमें सात एलिवेटेड स्टेशन हैं। यह कॉरिडोर पहले से संचालित बोटैनिकल गार्डन-कृष्णा पार्क एक्सटेंशन मैजेंटा लाइन का विस्तार है। इसके जुड़ने से मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई लगभग 49 किलोमीटर हो जाएगी। इस सेक्शन पर दीपाली चौक, मधुबन चौक, उत्तरी पीतमपुरा-प्रशांत विहार, हैदरपुर गांव, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क स्टेशन होंगे।
उन्होंने कहा कि ये मेट्रो कॉरिडोर इंजीनियरिंग की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं। दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर का एक हिस्सा लगभग 28.36 मीटर की ऊंचाई तक जाता है, जो दिल्ली मेट्रो के एलिवेटेड सेक्शनों में सबसे ऊंचे हिस्सों में से एक है। वहीं मजलिस पार्क-मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर के निर्माण में यमुना नदी पर एक नए पुल का निर्माण करना पड़ा और डबल-डेकर वायडक्ट तैयार किया गया जिसमें मेट्रो ट्रैक और सड़क फ्लाईओवर को एक साथ समाहित किया गया है। यह दिल्ली मेट्रो का यमुना नदी पर पांचवां पुल है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली मेट्रो के फेज-V (ए) के अंतर्गत तीन नए कॉरिडोर के निर्माण का भी शिलान्यास किया जाएगा, जिससे दिल्लीवासियों की यात्रा और अधिक सुगम होगी। इनमें रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर, एरोसिटी से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक गोल्डन लाइन विस्तार और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक गोल्डन लाइन विस्तार शामिल हैं।
रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर की लंबाई 9.913 किलोमीटर होगी और यह भूमिगत बनाया जाएगा। इसमें नौ नए स्टेशन होंगे जिनमें आर. के. आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, युगे-युगेन भारत, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ स्टेशन शामिल हैं। यह कॉरिडोर कर्तव्य भवनों, भारत मंडपम और युगे-युगेन भारत संग्रहालय जैसे प्रमुख स्थलों को मेट्रो कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से एनसीआर के शहरों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के निवासी वायलेट लाइन के माध्यम से तुगलकाबाद पहुंचकर गोल्डन लाइन के जरिए सीधे आईजीडी एयरपोर्ट टर्मिनल-1 तक जा सकेंगे। वहीं नोएडा के यात्री मैजेंटा लाइन से कालिंदी कुंज पहुंचकर गोल्डन लाइन के माध्यम से एयरपोर्ट और दक्षिण दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों तक आसानी से यात्रा कर सकेंगे।
