भोपाल। इज़राइल द्वारा किए गए हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई और उनके परिवार के निधन की खबर के बाद मुस्लिम समुदाय में गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है। दुनिया के विभिन्न देशों में शोक सभाएं और मजलिसों का आयोजन हुआ। राजधानी भोपाल में भी तीन दिन तक शोक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
3 मार्च को करोंद स्थित मस्जिद आले मोहम्मद शिया जामा मस्जिद में अंतिम मजलिस हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इमाम-ए-जुमा मौलाना अज़हर हुसैन रिज़वी ने कहा कि खामेनेई न केवल ईरान के नेता, बल्कि वैश्विक शिया समुदाय के मार्गदर्शक थे।
कार्यक्रम में दिवंगत आत्माओं की मगफिरत के लिए दुआ की गई और अमन-एकता का संदेश दिया गया। शिया समुदाय ने घोषणा की कि शोक के चलते इस वर्ष ईद सादगी से मनाई जाएगी।
