विजयवाड़ा, 03 मार्च (वार्ता) आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के पवन कल्याण ने मंगलवार को कहा कि विशाखापत्तनम, राजामहेंद्रवरम और तिरुपति जाने वाले मार्गों पर चार वन्यजीव बचाव एवं उपचार केंद्र स्थापित किये जाएंगे।
वह ‘निगरानी, सहायता और नर्सिंग के लिए उपचार और पोषण इकाइयों (हनुमान)’ के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हनुमान परियोजना का मुख्य उद्देश्य ‘संघर्ष’ को ‘सहजीवन’ में बदलना है। उन्होंने दावा किया कि चित्तूर में जंगली हाथियों के खतरे का समाधान हो गया है।
हनुमान परियोजना की परिकल्पना चित्तूर, पार्वतीपुरम, मन्यम और श्रीकाकुलम जैसे जिलों के गांवों में भटकने वाले हाथियों और अन्य जंगली जानवरों द्वारा लोगों और फसलों को होने वाली समस्याओं को वैज्ञानिक एवं तकनीकी रूप से हल करने के विचार से की गयी थी।
श्री कल्याण ने कहा, “ वन विभाग सीमावर्ती गांवों के लोगों की सुरक्षा, फसलों, पशुधन और संपत्ति की रक्षा, वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने और संघर्ष
की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए पंचायत राज, कृषि, बागवानी, राजस्व और पुलिस जैसे अन्य विभागों के समन्वय से इस कार्यक्रम को व्यापक रूप से लागू करेगा। ”
उन्होंने कहा कि राज्य में 100 वाहन लगाये गये हैं, जिनमें 93 त्वरित प्रतिक्रिया एवं बचाव दल के वाहन और सात वन्यजीव एम्बुलेंस शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और 19 त्वरित प्रतिक्रिया दल तैनात किये गये हैं। प्रत्येक वाहन में एक वन क्षेत्र अधिकारी, पशु स्वास्थ्य कर्मचारी, पैरा पशु चिकित्सक और आदिवासी सहायक होंगे।
उन्होंने कहा कि एआई-आधारित प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के साथ-साथ, एक कमांड नियंत्रण केंद्र के माध्यम से बल्क मैसेजिंग अलर्ट सिस्टम और एक उन्नत मौसम एवं अलर्ट रिपोर्टिंग सिस्टम विकसित किया गया है।
पर्यावरण, वन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव कांतिलाल दांडे ने कहा कि हनुमान परियोजना राज्य में जंगली जानवरों के मानव बस्तियों में घुसने से होने वाली जानमाल की हानि और फसलों की क्षति को रोकने तथा मानव-पशु संघर्ष को कम करने के लिए शुरू की गयी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने जानवरों द्वारा होने वाली हानि के लिए मुआवजे की राशि पांच लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी है।
पर्यटन मंत्री कंदुला दुर्गेश और मुख्य वन संरक्षक पीवी चलपति राव ने भी सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर गुंटूर जिले के कलेक्टर थमीम अंसारी और आंध्र प्रदेश चिकित्सा सेवा एवं अवसंरचना विकास निगम के अध्यक्ष सी श्रीनिवास राव भी उपस्थित थे।
