शिवगंगा | तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के सिंगमपुनारी में मासी मगम उत्सव के अवसर पर आयोजित ‘मंजुविरट्टू’ (सांडों को पकड़ने की प्रतियोगिता) भीषण हादसे में तब्दील हो गई। सोमवार को आयोजित इस खेल के दौरान सांडों ने दर्शकों और खिलाड़ियों पर अचानक हमला कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक घटना में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनकी पहचान जम्मूलाल लालजी, रामनाथन और राजेंद्रन के रूप में हुई है। चिलचिलाती धूप में पहाड़ियों पर बैठकर खेल देख रहे हजारों लोग उस वक्त सन्न रह गए जब सांडों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर लोगों को रौंदना शुरू कर दिया।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, इस प्रतियोगिता के लिए लगभग 100 सांडों को अधिकृत रूप से और 500 से अधिक बैलों को खुला छोड़ा गया था, जिसमें 112 बुलफाइटर्स ने हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता के दौरान सांडों के हमलों में कुल 75 लोग घायल हुए हैं। स्थानीय पुलिस और बचाव दल ने घायलों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया, जिनमें से आठ की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में खिलाड़ियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में दर्शक भी शामिल हैं जो सांडों की चपेट में आ गए थे।
इस दुखद घटना के बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि आयोजन स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं और क्या तय मानकों का पालन हुआ था। मंजुविरट्टू प्रतियोगिता के दौरान हुई इन मौतों ने पूरे क्षेत्र में मातम पसरा दिया है। पुलिस का कहना है कि आयोजकों की ओर से किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, भविष्य में होने वाले ऐसे आयोजनों के लिए सुरक्षा नियमों को और सख्त करने पर विचार किया जा रहा है।

