नयी दिल्ली, 27 फरवरी (वार्ता) केंद्र सरकार का रोजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 10 महीने में जनवरी 2026 तक संशोधित अनुमान के 62.97 प्रतिशत पर रहा। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक केंद्र सरकार की कुल राजस्व प्राप्ति 27,08,654 करोड़ रुपये रही, जो संशोधित अनुमान का 79.5 प्रतिशत है। इस दौरान कुल व्यय 36,90,061 करोड़ रुपये रहा जो संशोधित अनुमान का 74.3 प्रतिशत है। इस प्रकार, राजकोषीय घाटा 8,55,842 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यह संशोधित अनुमान का 62.97 प्रतिशत है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में 15,68,936 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अनुमान व्यक्त किया था जिसे बाद में संशोधित कर 15,58,492 करोड़ रुपये किया गया है।
कुल प्राप्तियों में 20,94,218 करोड़ रुपये का कर राजस्व, 5,57,307 करोड़ रुपये का गैर-कर राजस्व और 57,129 करोड़ रुपये की गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं। इस अवधि के दौरान केंद्र द्वारा राज्य सरकारों को करों के हिस्से के हस्तांतरण के तौर पर 11,39,767 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इस अवधि की तुलना में 65,588 करोड़ रुपये अधिक है। कुल व्यय में 28,47,780 करोड़ रुपये राजस्व मद पर और 8,42,281 करोड़ रुपये पूंजी मद पर खर्च किये गये हैं। कुल राजस्व व्यय में 9,88,302 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान के मद में और 3,54,861 करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडियों के मद में खर्च हुए।

