जबलपुर: शहर में अवैध एलपीजी रिफिलिंग और घरेलू गैस सिलेंडरों के कमर्शियल उपयोग को लेकर ग्राहक दक्षता कल्याण फाउंडेशन ने जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संस्था के मध्य प्रदेश राज्य प्रमुख संदीप गुप्ता ने आरोप लगाया कि पूर्व में हुई गैस दुर्घटनाओं के बावजूद प्रशासन “कुंभकर्णी नींद” में है। कार्यकारी संचालक शुभम रंगारी ने बताया कि संयुक्त मुख्य विस्फोटक नियंत्रक कार्यालय, भोपाल द्वारा 27 अक्टूबर 2025 को 202 होटल एवं रेस्टोरेंट में घरेलू सिलेंडरों के अवैध उपयोग पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इसके बाद 11 फरवरी 2026 को कलेक्टर कार्यालय (खाद्य शाखा) ने जांच दल का गठन भी किया, लेकिन अब तक किसी अवैध रिफिलिंग सेंटर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।रंगारी ने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि के बाद अल्टी-पल्टी (गैस ट्रांसफर) का अवैध कारोबार और बढ़ गया है, जो बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन सोलंके ने चेतावनी दी कि यदि अधारताल, गोरखपुर और रांझी क्षेत्रों में जल्द छापेमारी नहीं हुई तो मामला दिल्ली स्तर पर मंत्रालय तक उठाया जाएगा। उन्होंने मांग की है किगठित टीमें फील्ड में सक्रिय होकर कार्रवाई करें, पीईइसओ के निर्देशानुसार चिन्हित 202 प्रतिष्ठानों पर जुर्माना व एफआईआर दर्ज हो,11 फरवरी के आदेश के बाद की गई जांच की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
