भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बुधवार को कर्मयोगी बनें सर्वोच्च परामर्शदायी समिति की एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सुशासन और जनसेवा की भावना को मजबूत करने के लिए कर्मयोगी दृष्टिकोण बेहद आवश्यक है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सेवा भाव को प्राथमिकता देने से ही शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यशाला का उद्देश्य नीतिगत मार्गदर्शन, अनुभवों के आदान-प्रदान और बेहतर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, समिति के सदस्य एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान सुशासन, नेतृत्व क्षमता और जनकल्याण से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
