भोपाल: आज बजट पेश होने से ठीक पहले सरकार की प्राथमिकताओं की झलक सामने आ गई है। वित्तीय प्रबंधन, सामाजिक योजनाओं की निरंतरता और विकास परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाने के संकेतों के बीच सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि इस बार का बजट व्यापक जनभागीदारी और संतुलित दृष्टिकोण के साथ तैयार किया गया है।मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बजट प्रस्तुति से पूर्व मीडिया से बातचीत में संकेत दिए कि इस बार का वित्तीय दस्तावेज आमजन की अपेक्षाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि बजट निर्माण की प्रक्रिया में गरीब, युवा, महिला और किसान सहित सभी वर्गों की जरूरतों का आकलन किया गया है, ताकि विकास का लाभ समान रूप से पहुंचे।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सरकार ने बजट में आम नागरिकों से प्राप्त सुझावों और फीडबैक को महत्व दिया है। उनके अनुसार, यह बजट केवल आंकड़ों का नहीं बल्कि जनभावनाओं का प्रतिबिंब होगा, जिसमें सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक प्रगति दोनों को संतुलित करने का प्रयास किया गया है।वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त संसाधनों की मांग की है, जिससे विकास कार्यों, अधोसंरचना निर्माण और विभिन्न आयोजनों के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध हो सके।
कर्ज के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट किया कि उधार ली गई राशि का उपयोग मुख्यतः पूंजीगत व्यय और दीर्घकालिक विकास परियोजनाओं में किया जाता है, जिससे भविष्य में आर्थिक मजबूती सुनिश्चित हो सके।महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि लाड़ली बहना और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता सरकार की प्राथमिकता में बनी रहेगी, ताकि सामाजिक समावेशन और आर्थिक सहयोग की नीति आगे बढ़ती रहे।
