
नई दिल्ली। भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस ने संयुक्त अभियान में समुद्र के रास्ते हो रही नशा तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम कर दिया। 16 फरवरी की रात चलाए गए तेज और साहसिक ऑपरेशन के दौरान 203 किलोग्राम संदिग्ध क्रिस्टलाइन मादक पदार्थ के साथ एक स्पीड बोट को पकड़ा गया।
खुफिया सूचना के आधार पर यह कार्रवाई समुद्र में की गई। गुजरात एटीएस से मिली पुख्ता जानकारी के बाद उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में तैनात भारतीय तटरक्षक बल के एक जहाज को संदिग्ध विदेशी मछली पकड़ने वाली नाव को रोकने के लिए डायवर्ट किया गया। यह नाव अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) के नजदीक संदिग्ध गतिविधियां कर रही थी।
घुप अंधेरी रात के बावजूद तटरक्षक बल ने मानव और तकनीकी निगरानी के संयोजन से संदिग्ध नाव की पहचान कर ली। जैसे ही तटरक्षक जहाज नजदीक पहुंचा, स्पीड बोट सीमा रेखा की ओर भागने लगी, लेकिन लंबा पीछा करने के बाद उसे रोक लिया गया। तलाशी के दौरान नाव में विदेशी नागरिकता के दो चालक दल के सदस्य मिले।
नाव की गहन तलाशी में 1-1 किलोग्राम के 203 पैकेट बरामद हुए, जिनमें क्रिस्टलाइन स्वरूप का संदिग्ध मादक पदार्थ छिपाकर रखा गया था। पकड़ी गई नाव को आगे की जांच और जब्त पदार्थ के रासायनिक परीक्षण के लिए पोरबंदर लाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस की संयुक्त कार्रवाई हाल के वर्षों में कई सफल अभियानों का हिस्सा रही है, जो तटीय सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए दोनों एजेंसियों के मजबूत तालमेल को दर्शाती है।
