ऑस्ट्रेलिया के एंड्रयू चार्लटन भारत में एआई इम्पैक्ट समिट में होंगे शामिल

कैनबरा, 17 फरवरी (वार्ता) ऑस्ट्रेलिया के सहायक मंत्री (विज्ञान, प्रौद्योगिकी और डिजिटल अर्थव्यवस्था) डॉ. एंड्रयू चार्लटन भारत में आयोजित हो रहे एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे, जहां वह सुरक्षित, समावेशी और सतत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया की नेतृत्वकारी भूमिका को रेखांकित करेंगे तथा निवेश, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और एआई-प्रेरित विश्व में श्रमिकों की अहम भूमिका को आगे बढ़ाने पर जोर देंगे। सहायक मंत्री समिट के दौरान राष्ट्रीय हित में और ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के लाभ के लिए एआई के उपयोग के प्रति ऑस्ट्रेलिया की प्रतिबद्धता को उजागर करेंगे। डॉ. चार्लटन एआई के बढ़ते उपयोग के बीच श्रमिकों की आवाज को सशक्त बनाने के महत्व पर भी अपनी बात रखेंगे और सतत एआई अवसंरचना तथा सुरक्षित एवं समावेशी नवाचार में निवेश के लिए ऑस्ट्रेलिया को एक पसंदीदा साझेदार के रूप में प्रस्तुत करेंगे।

उन्होंने अपनी यात्रा को लेकर कहा, “ यह समिट सतत एआई अवसंरचना तथा सुरक्षित और समावेशी एआई नवाचार के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया की क्षेत्रीय नेतृत्वकारी छवि को और मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। मैं समावेशी एआई तैनाती को लेकर ऑस्ट्रेलिया के मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए उत्सुक हूं, ताकि इसके लाभ सभी तक पहुंचें और सामाजिक स्वीकृति के साथ लागू हों। ऑस्ट्रेलिया और भारत लंबे समय से व्यापार और विज्ञान के क्षेत्र में सहयोग की साझा प्रतिबद्धता रखते हैं। मैं ऑस्ट्रेलिया-भारत रणनीतिक अनुसंधान कोष की 20वीं वर्षगांठ मनाने के लिए भी उत्सुक हूं। ”

एआई इम्पैक्ट समिट में राष्ट्रीय नेता, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, शैक्षणिक विशेषज्ञ और नागरिक समाज के प्रतिनिधि एआई नीति और शासन के भविष्य को आकार देने के लिए एकत्र होंगे। डॉ. चार्लटन अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और भारत सहित कई देशों के समकक्षों से मुलाकात कर ऑस्ट्रेलिया के रणनीतिक और आर्थिक हितों के अनुरूप साझेदारियों को आगे बढ़ाएंगे। वह प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ भी चर्चा करेंगे, ताकि राष्ट्रीय एआई योजना के अनुरूप ऑस्ट्रेलिया के एआई पारिस्थितिकी तंत्र में निवेश को प्रोत्साहित किया जा सके। यह योजना एंथनी अल्बानीज़ की लेबर सरकार के एआई सुरक्षा संस्थान (एआईएसआई) के समर्थन से संचालित है और एआई सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। डॉ. चार्लटन की यह यात्रा ऑस्ट्रेलिया-भारत रणनीतिक अनुसंधान कोष (एआईएसआरएफ) की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है, जिसने वर्ष 2006 से दोनों देशों के बीच अत्याधुनिक संयुक्त अनुसंधान को समर्थन दिया है।

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