इंदौर: लसूड़िया थाना क्षेत्र के महालक्ष्मी नगर स्थित एक रिहैब सेंटर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के डायरेक्टर की सेंटर पहुंचने के महज दो घंटे के भीतर अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर डॉक्टरों ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।मृतक की पहचान 50 वर्षीय आयोग पिता रामकुमार पटेरिया निवासी शालीमार सुखलिया के रूप में हुई है।
बताया गया है कि आयोग पिछले कुछ समय से व्यवसायिक तनाव के चलते डिप्रेशन में थे और इसी कारण उन्हें नशे की लत लग गई थी। इससे छुटकारा पाने के लिए उन्होंने खुद पहल करते हुए रविवार शाम महालक्ष्मी नगर स्थित रिहैब सेंटर में भर्ती होना तय किया था। परिजनों के अनुसार सेंटर पहुंचने के करीब दो घंटे बाद ही उनकी हालत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद स्टाफ उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आयोग के पिता रामकुमार पटेरिया मध्य प्रदेश शासन में वरिष्ठ अधिकारी रह चुके हैं और रतलाम नगर निगम कमिश्नर सहित विदिशा के सरकारी अस्पताल में उच्च पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे बैतूल में निवासरत हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि रिहैब सेंटर में भर्ती के दौरान उन्हें कोई दवा दी गई थी या अत्यधिक तनाव के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह स्पष्ट हो सकेगी।
