नयी दिल्ली, 16 फरवरी (वार्ता) सब्जियों, फलों और धातुओं के दाम बढ़ने से थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति की दर जनवरी में बढ़कर 1.81 प्रतिशत पर पहुंच गयी, जो मार्च 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है। दिसंबर 2025 में थोक महंगाई दर 0.83 प्रतिशत रही थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों में बताया गया है कि जनवरी एक साल पहले की तुलना में सब्ज्यों के दाम 6.78 प्रतिशत और फलों के 1.78 प्रतिशत बढ़ गये। दूध की कीमत में 2.51 फीसदी और अंडों, मांस तथा मछलियों के दामों में 3.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।
गैर-खाद्य पदार्थों में तिलहन के थोक भाव 19.25 प्रतिशत और खनिजों के 12.76 प्रतिशत बढ़े। वहीं, कच्चे तेल की कीमत 11.23 प्रतिशत घटी। ईंधन एवं बिजली वर्ग में थोक मुद्रास्फीति शून्य से 4.01 प्रतिशत नीचे रही। रसोई गैस के दाम सालाना 7.68 प्रतिशत, पेट्रोल के 4.58 प्रतिशत और डीजल के 4.29 प्रतिशत तक घटे। साल के पहले महीने में विनिर्मित उत्पादों की महंगाई दर 2.86 प्रतिशत और बेसिक धातुओं की 5.98 प्रतिशत रही।

