इंदौर:जूनी इंदौर थाना क्षेत्र के खातीवाला टैंक स्थित हर्ष क्लीनिक में इलाज के नाम पर घोर लापरवाही और अवैध चिकित्सा गतिविधियों का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला की मौत हो गई। शिकायत पर पुलिस ने क्लीनिक संचालकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले ने निजी क्लीनिकों में चल रहे फर्जी इलाज के खतरनाक खेल पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जूनी इंदौर थाना प्रभारी अनिल गुप्ता ने बताया कि बीजलपुर के मार्तण्ड नगर में रहने वाले 25 वर्षीय फरियादी रोहन चौहान ने पुलिस को बताया कि उसकी 40 वर्षीय मां मंजू चौहान को इलाज के लिए हर्ष क्लीनिक लेकर गया था। यहां डॉक्टर ज्ञान एस. पंजवानी के साथ श्रीचंद बागेजा नामक व्यक्ति क्लीनिक में दवा व सहायक का काम कर रहा था, जबकि उसके पास फार्मेसी से संबंधित कोई मान्य डिग्री या डिप्लोमा तक नहीं था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि श्रीचंद बागेजा न तो एलोपैथिक इलाज के लिए अधिकृत था और न ही दवाइयां देने का उसे कोई अधिकार था, इसके बावजूद उसने बिना डॉक्टर की अनुमति के मंजू चौहान को ग्लूकोज की बोतल चढ़ा दी। इसी अवैध और लापरवाह उपचार के बाद महिला की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने प्रारंभिक जांच कर प्रकरण दर्ज किया है।
