सतना :प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन सशक्तीकरण, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि स्व. दयानंद कुशवाहा ने निर्विकार भाव से सर्वहारा, शोषित पीड़ित समाज की सेवा का कार्य जीवन पर्यन्त किया। सर्व समाज को न्याय दिलाने से स्व. दयानन्द कुशवाहा के प्रति एक समाज नहीं बल्कि सर्व समाज का विश्वास और सम्मान हासिल हुआ। सामाजिक न्याय मंत्री श्री कुशवाह शुक्रवार को सतना में पूर्व सदस्य पिछड़ा वर्ग आयोग स्व. दयानन्द कुशवाहा की प्रथम पुण्य तिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में अपने श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे थे।
इस दौरान नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी, सांसद सतना गणेश सिंह, विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा, सुरेन्द्र सिंह गहरवार, डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुस्मिता सिंह, स्पीकर नगर निगम राजेश चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद पाण्डेय, पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल, पूर्व विधायक ऊषा चौधरी, रामलखन पटेल, पूर्व जनपद अध्यक्ष गेंदलाल भाई, अरविन्द सिंह पप्पू, नरेन्द्र त्रिपाठी, दिलीप मिश्रा सहित विभिन्न राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
सामाजिक न्याय मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि स्व. दयानंद कुशवाहा ने शोषित, दलित पीड़ित वर्ग के लिए संघर्ष किया। चुनाव के दौरान उनके साथ लगातार सतना और मैहर क्षेत्र में काम करने का अनुभव मिला। समाज में सबके साथ सामंजस्य बिठाने की अद्भुत क्षमता उनमें थी। आमजनों सहित शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को भी उन्होंने न्याय दिलाने का काम किया। वर्तमान समय में स्व. दयानंद कुशवाहा की सोच और विचाराधारा को आगे बढाने की जरूरत है।
नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने कहा कि स्व. दयानंद कुशवाहा पिछड़ा वर्गों के उत्थान, सामाजिक न्याय और क्षेत्रीय विकास के क्षेत्र में अपने योगदान के लिए जाने जाते थे। उन्होंने मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग में सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और समाज के कमजोर वर्गों के लिए सदैव संघर्षरत रहे। उनकी असामयिक विदाई ने सभी को गहरा दुःख पहुंचाया है। सांसद श्री गणेश सिंह ने कहा कि स्वं दयानंद कुशवाहा ने अपने समूचे जीवन काल में घर-परिवार छोड़कर समाज के लिए सर्वस्व समर्पित किया। उन्हें लोग नेताजी या लीडर के नाम से जानते थे।
सांसद ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ये बहुत ही भावुक क्षण होते है। बहुत कम ही ऐसे लोग मिलते है जो आने वाली पीढी का मार्ग प्रशस्त कर जाते है। सामाजिक और राजनैतिक क्षेत्र में सन 1978 से उनका सानिध्य मिला। स्व. दयानंद कुशवाह कभी नेता नहीं बनना चाहते थे ना ही किसी पद की लालसा उन्हें रही। हर समाज के लोगों में उनके प्रति श्रद्धा का भाव रहा है। स्व. दयानंद कुशवाहा की प्रथम पुण्य तिथि पर टाउन हाल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शहर के गणमान्य नागरिक, राजनैतिक दलों, सामाजिक संगठनों ने पुष्पांजलि अर्पित की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया।
