इंदौर: शहर के किसी भी स्कूल द्वारा पालकों को कॉपी किटाबोर ड्रेस तय दुकानों से खरीदी करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा. यदि स्कूल ने बाध्य किया तो भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत प्रकरण दर्ज कर कारवाई की जाएगी. उक्त प्रतिबंधात्मक आदेश कलेक्टर आज जारी किए है.
कलेक्टर शिवम वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 (1) (2) के तहत स्कूल संचालकों, प्रकाशकों एवं विक्रेताओं की मोनोपॉली खत्म करने हेतु प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है. आदेश में कहा गया है कि सभी स्कूल संचालक और प्राचार्य हर कक्षा की किताब कॉपी की सूची स्कूल की वेबसाईट पर अपलोड करेंगे. साथ ही स्कूल परिसर में सार्वजनिक बोर्ड पर भी चस्पा करेंगे. पालकों को स्कूलों द्वारा तय दुकानों से खरीदी के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा.
आदेश में स्कूल संचालकों और प्राचार्य द्वारा परीक्षा परिणाम से पहले किताब खरीदने का दबाव नहीं बनाने के निर्देश दिए हैं. पालकों को किताबों की उपलब्धता के आधार पर 15 जून खरीदी की छूट रहेगी. साथ ही एमपी, सीबीएसई और आईसीएसई की सरकार द्वारा तय एनसीआरटीओर एमपी पाठ्य पुस्तक निगम की पुस्तकों के अलावा निजी प्रकाशकों की पुस्तक खरीदी पर प्रतिबंध रहेगा.
तीन साल से पहले नहीं बदल सकते ड्रेस
स्कूल ड्रेस में 3 साल के पहले बदलने और दो कलर से ज्यादा की नहीं होने पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा. कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन लगने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अन्तर्गत कार्रवाई होगी. उक्त आदेश 12 फरवरी से 11 अप्रैल 2026 तक की अवधि में प्रभावशील रहेगा.
