ढाका, 12 फरवरी (वार्ता) बंगलादेश में गुरूवार को आम चुनाव में दोपहर 2:00 बजे तक 47.91 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
देश में 36,031 मतदान केंद्रों से एकत्रित आंकड़ों के आधार पर, चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने बताया कि शुरुआत में आयोग को मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही को नियंत्रित करने वाले पीठासीन अधिकारियों से सीधे आंकड़े एकत्रित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा, “मतदाताओं की आवाजाही को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी उन्हीं की थी, इसलिए हमें समस्या का सामना करना पड़ा। इसीलिए हमने प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब हम सहायक रिटर्निंग अधिकारियों से जानकारी एकत्रित कर रहे हैं। इस संबंध में बाद में एक और अपडेट दिया जाएगा”
उन्होंने कहा कि कुछ अलग-थलग घटनाएं हुई, जो ज्यादातर मतदान केंद्रों के बाहर और कानून व्यवस्था से संबंधित थीं लेकिन स्थानीय अधिकारियों के तत्काल हस्तक्षेप के बाद मतदान योजना के अनुसार आगे बढ़ता रहा।
उन्होंने पुष्टि करते हुए कहा कि मयमनसिंह-1 में मतदान सुबह-सुबह एक सहायक पीठासीन अधिकारी की मौत के बावजूद निर्बाध रूप से जारी रहा। उन्होंने कहा कि उनके बदले किसी अन्य को प्रतिस्थापित किया गया इसलिए मतदान सुचारू रूप से चलता रहा।”
हिंसा की खबरों पर चुनाव आयोग ने कहा कि कोई भी जानलेवा घटना नहीं हुई है। मेहरपुर में मतदान के बाद झड़प हुई जिसमें दो लोग घायल हो गए। उन्होंने कहा कि घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया और वे घर लौट गए। इसमें किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदान के आंकड़ों में संसदीय चुनाव एवं जनमत संग्रह दोनों के वोट शामिल हैं।
जब चुनाव आयुक्त से पूछा गया कि क्या आयोग मतदान प्रतिशत से संतुष्ट है तो उन्होंने कहा कि “यह तो आपको (मीडिया को) तय करना है। बेशक, हम अधिक मतदान चाहते हैं। आप तय कर सकते हैं कि हमें संतुष्ट होना चाहिए या नहीं।”
इस बीच, बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने कहा कि अगर चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं विवादमुक्त तरीके से आयोजित हुए तो उनकी पार्टी चुनाव परिणामों को स्वीकार करेगी।
उन्होंने पार्टी के गुलशन स्थित अध्यक्ष कार्यालय में पत्रकारों से कहा, “अगर चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं विवाद रहित हुए तो हम इसे क्यों नहीं स्वीकार करेंगे? बेशक हम इसे स्वीकार करेंगे। सभी पार्टियां इसे स्वीकार करेंगी। लेकिन यहां शर्त है कि चुनाव निष्पक्ष एवं चुनाव शांतिपूर्ण होना चाहिए।” अनियमितताओं की रिपोर्टों का हवाला देते हुए श्री तारिक ने कहा कि कुछ अवांछित घटनाएं और मतदाताओं को गुमराह करने के प्रयास देखे गए हैं।
मतगणना में देरी की संभावना पर उन्होंने कहा कि परिणामों में देरी का कोई कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि जब देश में लोग जल्दी-जल्दी मतदान कर रहे हैं,तो वे परिणाम भी जल्दी चाहेंगे। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव आयोग समय पर परिणाम जारी करना सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने 1991, 1996 और 2001 के चुनावों को याद करते हुए कहा कि चुनाव समय सीमा के भीतर आयोजित किए गए थे और उन्होंने उम्मीद जतायी कि परिणाम भी इसी अवधि के भीतर घोषित किये जायेंगे।
