जबलपुर: क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में इन दिनों अराजकता का माहौल देखने को मिल रहा है। यहां तो बड़े साहब कब आते हैं, कब चले जाते हैं इसका समय लोगों को पता ही नहीं रहता है। वहीं साहब तो साहब, यहां के बाबू भी अपनी कुर्सी पर बैठे हुए नजर नहीं आते हैं। जिसके कारण बाबू की खिड़की के बाहर आवेदकों की भीड़ लग जाती है। जहां आवेदक घंटों तक अपना कार्य करवाने के लिए इंतजार करते रहते हैं। इसके चलते आरटीओ कार्यालय में इन दोनों कामकाज काफी प्रभावित हो रहा है।
मैडम तो प्रभारी, सहा. आरटीओ भी गायब
उल्लेखनीय यह है कि क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय आरटीओ में छतरपुर की आरटीओ मधु सिंह को जबलपुर आरटीओ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। जिसके चलते वह जबलपुर में बैठकर कार्य नहीं कर रही हैं। वहीं सहायक आरटीओ संतोष पाल जबलपुर आरटीओ की कमान संभाल रहे हैं। लेकिन वह भी आरटीओ कार्यालय में बहुत कम बैठे हुए मिलते हैं। जिसके कारण काफी फाइल पेंडिंग पड़ी हुई है, कार्य ना होने के कारण आवदेकों को रोजाना कार्यालय के चक्कर काटने पर रहे हैं।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का बुकिंग काउंटर खाली
आरटीओ कार्यालय में प्रवेश करते ही बाएं हाथ पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट बनवाने के लिए बुकिंग काउंटर बना हुआ है लेकिन उस बुकिंग काउंटर में कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिसके कारण कुकिंग काउंटर खाली पड़ा हुआ है। एक ओर आरटीओ द्वारा नियम निकाला गया है कि वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य है लेकिन जब आरटीओ कार्यालय में ही इसकी बुकिंग करने वाला कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं है तो वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट कैसे लगे.?
