
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के बीच लोकसभा की कार्यवाही को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे आने वाले दिनों में संसद में तीखी बहस की संभावना जताई जा रही है। लोकसभा में विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नियम 94(सी) के तहत अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस लोकसभा महासचिव को सौंप दिया है। इस नोटिस पर कुल 118 सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। नोटिस सौंपने के दौरान कांग्रेस के साथ समाजवादी पार्टी (SP), वाम दल (Left) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता मौजूद रहे। हालांकि तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस प्रस्ताव से दूरी बनाते हुए हस्ताक्षर नहीं किए।
सूत्रों के अनुसार यह मुद्दा 9 मार्च को लोकसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण में चर्चा के लिए आ सकता है। विपक्ष का आरोप है कि सदन की कार्यवाही के संचालन में निष्पक्षता नहीं बरती जा रही, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है।
इसी बीच संसदीय सूत्रों का कहना है कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नोटिस पर अंतिम निर्णय होने तक सदन की कार्यवाही में शामिल न होने का मन बनाया है। यदि प्रस्ताव पर चर्चा होती है तो बजट सत्र के दौरान संसद में जोरदार राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।
