
इंदौर। वन क्षेत्रों में बढ़ते अतिक्रमण, लकड़ी तस्करी और वन्यप्राणियों के शिकार पर रोक लगाने के लिए इंदौर वनमंडल अब हाईटेक तकनीक का सहारा लेने जा रहा है. वन विभाग इंदौर, महू, मानपुर और चोरल के जंगलों की निगरानी के लिए जल्द ही ड्रोन स्क्वाड गठित करने की दिशा में काम शुरू कर चुका है.
इंदौर वनमंडल को आधुनिक निगरानी प्रणाली से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है. अब जंगलों में होने वाली अवैध गतिविधियों पर जमीन से नहीं, बल्कि आसमान से नजर रखी जाएगी. इसके तहत वन विभाग ड्रोन स्क्वाड की स्थापना करने जा रहा है, जिससे अतिक्रमण, अवैध कटाई, वन्यप्राणियों की सुरक्षा और वन अपराधों पर लगातार निगरानी संभव हो सकेगी. इंदौर डीएफओ लाल सुधाकर सिंह ने नव भारत प्रतिनिधि को बताया कि ड्रोन स्क्वाड की रूपरेखा तैयार की जा रही है और इसकी प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. हाईटेक ड्रोन तकनीक से जुड़े इंजीनियर पहले विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे, ताकि ड्रोन के माध्यम से जंगलों की प्रभावी निगरानी की जा सके. शुरुआती चरण में ड्रोन संचालन के लिए विशेष ऑपरेटर भी टीम के साथ मौजूद रहेगा. ड्रोन तकनीक के उपयोग से दुर्गम वन क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच बन सकेगी और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान की जा सकेगी. इससे समय रहते कार्रवाई करना भी आसान होगा. ड्रोन स्क्वाड के शुरू होने से वन संपदा के संरक्षण को जहां नई मजबूती मिलेगी वहीं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण भी रखा जा सकेगा.
