नयी दिल्ली, 06 फरवरी (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दिया गया जवाब उनकी कमजोरी को प्रदर्शित कर रहा था और उनकी भाषा से स्पष्ट था कि वह लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के सवालों से बहुत डरे हुए हैं। श्री खरगे ने सोशल मीडिया फेसबुक पर शुक्रवार को एक पोस्ट कहा कि पूरे भाषण के दौरान श्री मोदी डरे हुए प्रतीत हो रहे थे। अमेरिका के सामने समर्पण, राहुल गांधी के सवालों का डर और लोकसभा में अपनी बात रखने के लिए नहीं आ पाने का उनका डर उनके चेहरे पर स्पष्ट झलक रहा था।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि श्री मोदी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को बंद कर रहे हैं। उनका कहना था कि इन्हीं कंपनियों के कारण हिंदुस्तान का विकास हुआ है और देश की विकास को स्वरूप मिला है लेकिन आश्चर्य की बात है कि श्री मोदी इन्हीं कंपनियों को दीवाला निकालने वाली कंपनियां बता रहे हैं। उन्होंने यहां तक भी कहा कि ये सरकारी कंपनियां पैसे की बर्बादी का कारण है इसलिए वह इन्हें खत्म करने पर तुले हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पास कोई विचार नहीं है। उनका कोई भी विचार देश के लिए मार्गदर्शन करने का विचार नहीं है। श्री खरगे ने प्रधानमंत्री के कब्र खोदने वाले बयान पर कहा कि कांग्रेस किसी व्यक्ति की कब्र की बात नहीं करती बल्कि वह उन विचारों की कब्र की बात करती है जिनमे देश के विकास के लिए कोई मार्गदर्शन नहीं है और जिनके जरिए देश के मज़बूत लोकतंत्र को खत्म करने का काम किया जा रहा है। दिक्कत यह है कि प्रधानमंत्री सारी बातों को अपने ऊपर ले लेते हैं। वह खुद को गरीब,चाय वाला, पिछड़ा आदि कहते हैं लेकिन कांग्रेस व्यक्ति की बात नहीं विचार की बात करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के बारे में गलत बात बोली है और वह उसका खंडन करते हैं। उन्होंने डॉक्टर सिंह की शासनकाल में भ्रष्टाचार आदि की बात गलत बोली है, वह सब झूठ बोले हैं। उन्होंने यहां तक कहा था कि वह रेनकोट डालकर नहाते हैं। इसे साबित होता है कि श्री मोदी बहुत कमजोर हो चुके हैं और उनका मनोबल टूटा हुआ है। इस तरह की बातें देश की संसद और खुद श्री मोदी के लिए भी ठीक नहीं है। यह उन्हें शोभा नहीं देता है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि श्री मोदी कांग्रेस नेता राहुल गांधी से डरते हैं। उन्हें डर रहता है कि वह पता नहीं कौन सा और क्या सवाल पूछ लेंगे। यही वजह है कि मोदी सरकार उन्हें संसद में बोलने नहीं देती और फिर जो सवाल उठाए जाते हैं उनका जवाब नहीं दिया जाता। उन्होंने प्रधानमंत्री के लोकसभा में राष्ट्रपति की अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए नहीं आने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि जिस खुफिया जानकारी के कारण उन्हें सदन में आने से रोका गया था उनकी खुफिया जानकारी तब कहां चली जाती है जब देश में गरीबों पर और आम लोगों पर अत्याचार होता है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास है और जब लोकसभा कई दिन तक नहीं चलती है तो उसे चलाने का कोई प्रयास नहीं किया जाता है। कांग्रेस नेता ने मोदी सरकार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने आत्मसमर्पण करने का आरोप लगाया और कहा कि देश की कृषि को बर्बाद करने की योजना अमेरिका के साथ व्यापार समझौता कर बनाई गई है। उन्होंने मोदी सरकार पर दलित विरोधी होने का भी आरोप लगाया और कहा कि 2014 में जब वह लोकसभा में सदन के नेता थे तो उन्हें एक दलित होने की वजह से विपक्ष का नेता का दर्जा नहीं दिया गया और ना ही किसी को लोकसभा का उपाध्यक्ष बनाया गया।

