
इंदौर। नंदलालपुरा क्षेत्र की चर्चित किन्नर गुरु सपना और पुलिस प्रशासन के बीच विवाद गहराता जा रहा है. दो साल पुरानी एक शिकायत के आधार पर पंढरीनाथ थाने में दर्ज हुई एफआईआर के बाद अब सपना ने मोर्चा खोल दिया है. जेल से छूटने के बाद उन्होंने राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री और पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की मांग की है.
किन्नर गुरु सपना ने अपने शिकायती पत्रों में सीधे तौर पर कुछ पुलिस अधिकारियों के नाम उजागर किए हैं. उनका आरोप है कि ये अधिकारी उनके खिलाफ रची जा रही साजिश में शामिल हैं. सपना का दावा है कि कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद, उनकी ओर से पूर्व में की गई शिकायतों पर पुलिस ने कोई निष्पक्ष जांच नहीं की, बल्कि उन पर ही पुराने मामलों में दबाव बनाया जा रहा है.
“मेरी हत्या की रची जा रही है साजिश”
पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह को सौंपे गए पत्र में सपना ने अपनी जान को खतरा बताया है. उनका आरोप है कि कुछ संदिग्ध लोग लगातार उनकी रेकी कर रहे हैं. सपना के मुताबिक, एमआर-10 क्षेत्र स्थित उनके निवास के आसपास अज्ञात और संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ गई है, जो उनकी हत्या की साजिश का हिस्सा हो सकते हैं. गौरतलब है कि पंढरीनाथ थाना पुलिस ने हाल ही में एक दो साल पुराने आवेदन पर संज्ञान लेते हुए सपना किन्नर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. हालांकि, इस मामले में अभी तक सपना की गिरफ्तारी नहीं हुई है. सपना का कहना है कि यह एफआईआर उन्हें प्रताड़ित करने और उनकी आवाज दबाने के उद्देश्य से की गई है. एक प्रभावशाली किन्नर गुरु द्वारा सीधे राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग किए जाने और पुलिस महकमे के ही अधिकारियों पर उंगली उठाने से प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है. पुलिस कमिश्नर कार्यालय अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने और सपना द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच करने में जुट गया है.
