
इंदौर. धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बेहद दूर बसे मजरे, टोले और फलिए में रहने वाले वनवासी परिवारों को निःशुल्क स्थाई बिजली सुविधा से जोड़ा है. आरडीएसएस योजना के अंतर्गत मालवा-निमाड़ अंचल में अब तक करीब 3300 घरों का विद्युतीकरण किया जा चुका है, जो मुख्य गांवों और पंचायतों से एक से तीन किलोमीटर दूर स्थित थे.
कंपनी प्रबंधन अनूप कुमार सिंह ने बताया कि खरगोन, बड़वानी, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, देवास, रतलाम सहित कई जिलों में विशेष अभियान चलाकर पोल, ट्रांसफार्मर, केबल और मीटर लगाए गए. चार माह के भीतर दूरस्थ क्षेत्रों में चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई. इनमें खरगोन में सबसे अधिक 805, बड़वानी 590, खंडवा 591, आलीराजपुर 260, धार 203, झाबुआ 170, देवास 113 और इंदौर ग्रामीण क्षेत्र के 78 घर शामिल हैं. बिजली पहुंचने से वनवासी परिवारों के बच्चों की पढ़ाई आसान हुई है, घरों में मोबाइल चार्जिंग, टीवी और अन्य सुविधाएं शुरू हो गई हैं. कई स्थानों पर नए ट्रांसफार्मर लगने पर ग्रामीणों ने खुशी जताई. दुर्गम इलाकों में बिजली सामग्री ट्रैक्टरों और बैलगाड़ियों से पहुंचाकर कार्य किया. अभियान से लाभान्वित कुछ परिवार गणतंत्र दिवस समारोह में नई दिल्ली के विशेष अतिथि भी बने थे, जहां उन्होंने परेड और अन्य कार्यक्रमों को करीब से देखा. कंपनी द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में विद्युतीकरण कार्य की लगातार निगरानी की जा रही है.
