डायल-112 ने मध्यप्रदेश में कई जिंदगियां बचाईं

भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस का ध्येय वाक्य “देश भक्ति–जन सेवा” एक बार फिर व्यवहार में नजर आया है। पिछले तीन दिनों में प्रदेशभर में संचालित डायल-112 एकीकृत आपातकालीन सेवा ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए कई जानें बचाईं। पुलिस टीमों की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली के चलते विदिशा, बड़वानी, बैतूल और सागर जिलों में नागरिकों को समय पर सहायता मिल सकी।

विदिशा जिले के नटेरन थाना क्षेत्र में घने कोहरे और शून्य दृश्यता के कारण एक थार जीप अनियंत्रित होकर बाह नदी में जा गिरी। सूचना मिलते ही डायल-112 की फर्स्ट रिस्पॉन्स व्हीकल (एफआरवी) मौके पर पहुंची। कड़ाके की ठंड और अंधेरे के बावजूद एफआरवी स्टाफ आरक्षक गजेन्द्र रघुवंशी और पायलट तीरथ सिंह अहिरवार ने 10 से 12 फीट गहरे पानी में उतरकर जीप में फंसी तीन युवतियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसी तरह, सिरोंज डैम में आत्महत्या के इरादे से कूदी 18 वर्षीय युवती को समय रहते बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया।

अन्य जिलों में भी डायल-112 की सराहनीय भूमिका सामने आई। बड़वानी में कसरावद पुल से कूदने का प्रयास कर रही 30 वर्षीय महिला को समझाइश देकर सुरक्षित बचाया गया। सागर में फांसी लगाने का प्रयास कर रहे युवक को घर का दरवाजा तोड़कर पुलिस ने बचाया, जबकि बैतूल में जहरीला पदार्थ सेवन करने वाली 20 वर्षीय युवती को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।

ये घटनाएं डायल-112 की तेज रिस्पॉन्स टाइम और जीपीएस आधारित डिस्पैच सिस्टम की प्रभावशीलता को दर्शाती हैं, जो आपात स्थितियों में मध्यप्रदेश पुलिस को एक सशक्त फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में स्थापित करती हैं।

 

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