
मन्दसौर। अक्सर हम प्रशासनिक अधिकारियों को फाइलों और सरकारी कार्यों में व्यस्त देखते हैं, लेकिन जब यही अधिकारी अपने पद के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हैं, तो समाज के लिए एक प्रेरणा बन जाते हैं। ऐसा ही एक भावुक और प्रेरक दृश्य आज मन्दसौर के चम्बल कॉलोनी स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में देखने को मिला।
मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड के अधिकारियों ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए स्कूल के जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को कड़ाके की सर्दी से बचाने के लिए ऊनी स्वेटर प्रदान किए। यह केवल वस्त्र वितरण नहीं, बल्कि उन बच्चों के लिए ‘स्नेह की गर्माहट’ थी।
26 जनवरी को लिया था संकल्प
इस पुनीत कार्य की नींव 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस के अवसर पर पड़ी थी। ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान विद्युत विभाग के अधीक्षण यंत्री (SE) श्री आर.सी. जैन की नज़र जब इन गरीब बच्चों पर पड़ी, तो उन्हें ठंड में ठिठुरता देख उनका हृदय द्रवित हो उठा। उसी क्षण उन्होंने संकल्प लिया कि इन नौनिहालों को सर्दी से बचाने का प्रबंध किया जाएगा।
इन अधिकारियों ने बढ़ाया मदद का हाथ
अधीक्षण यंत्री श्री जैन के इस मानवीय पहल को मूर्त रूप देने के लिए विद्युत विभाग की पूरी टीम एकजुट हो गई। आज विद्यालय प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम में अधीक्षण यंत्री श्री आर.सी. जैन के साथ कार्यपालन यंत्री श्री दीपक बांदेल, श्री पीयूष पंवार, सहायक यंत्री श्री पंकज कुमावत और वरिष्ठ परीक्षण यंत्री श्री डी.एस. चुंडावत (चंद्रावत) उपस्थित रहे। इन सभी अधिकारियों ने अपने हाथों से बच्चों को नए ऊनी स्वेटर पहनाए। स्वेटर पाकर बच्चों के चेहरों पर जो मुस्कान खिली, उसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का मन मोह लिया।
विद्यालय परिवार ने जताया आभार
विद्युत विभाग के अधिकारियों की इस दयालुता और संवेदनशीलता पर विद्यालय परिवार ने कृतज्ञता व्यक्त की। स्कूल की प्रधानाध्यापिका श्रीमती रचना बनौधा ने कहा कि अधिकारियों का यह कदम बच्चों के लिए ईश्वर के आशीर्वाद जैसा है। शिक्षिका श्रीमती सरिता व्यास, श्रीमती मंजू जैन और श्रीमती मंजू राइवल ने भी अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि समाज के सक्षम लोग यदि इसी तरह सरकारी स्कूलों के बच्चों की सुध लें, तो शिक्षा और संस्कार की राह और आसान हो जाएगी।
विद्युत विभाग के अधिकारियों का यह कार्य यह संदेश देता है कि रौशनी केवल बिजली के तारों से नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियां भरने से भी होती है।
