नई दिल्ली। वित्त मंत्री ने लोकसभा में बजट भाषण के दौरान कर व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। वित्त मंत्री ने कॉरपोरेट और नॉन-कॉरपोरेट दोनों श्रेणियों के लिए शेयर बायबैक करने पर टैक्स से जुड़े प्रावधानों में बदलाव की जानकारी दी। इसके साथ ही फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) से जुड़े लेन-देन पर टैक्स बढ़ाने का भी ऐलान किया गया।
सरकार का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य कर ढांचे को अधिक पारदर्शी बनाना और राजस्व संग्रह को मजबूत करना है। बायबैक टैक्स में संशोधन से कंपनियों और निवेशकों की कर देनदारी की संरचना में बदलाव देखने को मिल सकता है, वहीं एफएंडओ पर टैक्स बढ़ने से शेयर बाजार के डेरिवेटिव सेगमेंट में निवेश की लागत बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
