इंदौर: नगर निगम शहर में नर्मदा के चौथे चरण के तहत तीन पैकेज में 14 सौ करोड़ के काम करेगा. शहर की अवैध कॉलोनियों के बाहर निगम बोर्ड लगाएगा, जिससे कोई प्लॉट नहीं खरीदे. स्वच्छता अभियान के लिए 30 नई स्विपिंग मशीन और निगम अब पीएम आवास के फ़्लैट टेंडर से बेचेगा. उक्त निर्णय आज एमआईसी की बैठक में लिए गए हैं.आज नगर निगम परिसर के सभागृह में महापौर पुष्यमित्र भार्गव की मौजूदगी में महापौर परिषद की बैठक हुई.
बैठक में नर्मदा चौथे चरण के अमृत योजना 2.0 के तहत 24 करोड़ रुपए से शहर में पानी की लाइन और व्यवस्था करने की परिषद में मंजूरी दी गई थी. इसके तहत पिछले दिनों जलूद में 841 करोड़ से नए ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण कार्य का शुभारंभ मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया था. आज एमआईसी के बैठक में नर्मदा चौथे चरण के तहत जलूद से इंदौर नई लाइन डालने, शहर में 60 लाख की आबादी के हिसाब से पानी की व्यवस्था करने हेतु 40 नई टंकियों का निर्माण और सप्लाई लाइन बिछाने के साथ 55 पुरानी टंकियों के सुधार कार्य को मंजूरी दी गई.
केबल हटाने दिया जाएगा अंतिम नोटिस
महापौर ने बताया कि पीएम आवास योजना के तहत 2 और 3 बेडरूम के फ्लैट टेंडर से बेचे जाएंगे, ताकि गरीबों के लिए एक बेडरूम के फ्लैट निर्माण में सुविधा हो. शहर में स्वच्छता के लिए 30 स्विपिंग मशीनें खरीदने के टेंडर की मंजूरी दी गई. शहर में अवैध कॉलोनियों के बाहर नगर निगम बोर्ड लगाएगा, ताकि आमजन और गरीब आदमी की गाड़ी कमाई का पैसा नहीं डूबे. एमआईसी ने शहर में केबल हटाने का अंतिम नोटिस देने की मंजूरी दी है. इसके बाद पूरे शहर में फैले केबल के जाल हटाने की कार्रवाई की जाएगी. साथ सिरपुर पर 20 एमएलडी क्षमता का एसटीपी प्लांट तैयार है, जिसकी मार्च से शुरुआत हो जाएगी और सिरपुर तालाब में जलकुंभी देखने को नही मिलेगी.
