
ढाका। बांग्लादेश के अंतरिम नेता मोहम्मद यूनुस की वह भविष्यवाणी गलत साबित होती दिख रही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति भारत के लिए नुकसानदेह होगी और भारतीय टेक्सटाइल कंपनियां कम लागत वाले बांग्लादेश का रुख करेंगी।
सितंबर 2025 में जेटियो को दिए साक्षात्कार में यूनुस ने दावा किया था कि भारतीय वस्त्रों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगने से बांग्लादेश को लाभ मिलेगा।
लेकिन 22 जनवरी को बांग्लादेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन ने 1 फरवरी से देश की सभी स्पिनिंग मिलों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा कर दी। एसोसिएशन के अनुसार, सस्ती भारतीय यार्न की बाढ़, ऑर्डर रद्द होने, ऊर्जा संकट और 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद फैली अशांति के कारण उद्योग को 1 से 1.25 अरब डॉलर तक का नुकसान हुआ है।
इस बीच स्थिति और विडंबनापूर्ण तब हो गई जब 27 जनवरी को भारत ने यूरोपीय संघ के साथ एक बड़ा मुक्त व्यापार समझौता कर लिया। इस समझौते से भारतीय वस्त्रों पर टैरिफ में भारी कटौती होगी और भारत के निर्यात को नई रफ्तार मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में बांग्लादेश की एलडीसी व्यापार रियायतें समाप्त होने के बाद भारत उसकी बाजार हिस्सेदारी को और कड़ी चुनौती दे सकता है।
