
अयोध्या। प्रयागराज में माघ मेले के दौरान उभरे शंकराचार्य विवाद ने अब धार्मिक और सामाजिक दायरे से निकलकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। इस विवाद की आंच अब नौकरशाही तक पहुंच गई है। बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे के बाद अयोध्या से एक और अहम घटनाक्रम सामने आया है, जिसने प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है।
उत्तर प्रदेश जीएसटी विभाग के अयोध्या मंडल में पदस्थ डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने यह इस्तीफा सीधे राज्यपाल को संबोधित करते हुए भेजा है। बताया जा रहा है कि दो पन्नों के इस पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए अपने फैसले के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रशांत कुमार सिंह ने इस्तीफा देने के बाद सबसे पहले अपनी पत्नी से फोन पर बात की और भावुक स्वर में अपने निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सम्मान और समर्थन में उन्होंने यह कठोर कदम उठाया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने उल्लेख किया है कि शंकराचार्य द्वारा मुख्यमंत्री पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी से उन्हें गहरी पीड़ा पहुंची, जिसे वे एक लोकसेवक और नागरिक के रूप में स्वीकार नहीं कर सके।
इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। एक ओर इसे व्यक्तिगत आस्था और विचारों से जुड़ा निर्णय बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर यह सवाल भी उठ रहे हैं कि क्या शंकराचार्य विवाद अब सरकारी तंत्र में वैचारिक विभाजन की वजह बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
