नई दिल्ली, (वार्ता) क्रिसिल रेटिंग्स के अनुसार सोना रख कर कर्ज देने के कारोबार पर केंद्रित गैर -बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) मार्च 2027 तक चार लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा होने का अनुमान है।
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के अनुसार गोल्ड लोन कारोबार में तेजी जिसका मुख्य कारण सोने की ऊंची कीमतें, सिक्योर्ड क्रेडिट की बढ़ती मांग और रेगुलेटरी सुधार हैं।
क्रिसिल की गुरूवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि यह बढ़ोतरी सोने की ऊंची कीमतों, सिक्योर्ड क्रेडिट की ओर बदलाव और बेहतर रेगुलेटरी माहौल के कारण होगी। इस वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में सोने की कीमतें 68 प्रतिशत बढ़कर अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गईं। इससे गिरवी रखी गई चीज़ों का मूल्यांकन बढ़ा है और कर्ज बांटने में आसानी हुई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंक भी गोल्ड लोन सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं, ऐसे में गोल्ड-लोन एनबीएफसी के लिए प्रतिस्पर्धा से निपटते हुए कारोबार का विस्तार करने की चुनौती बढ़ेगी।
