
भोपाल। गौमांस तस्तकरी के आरोपी असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा और वाहन चालक को एसआईटी ने गुरुवार को तीन दिनों की रिमांड पर लिया है. चमड़ा और उसके सहयोगी से से पूरे मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है. दोनों ही आरोपियों को एसआईटी ने कोर्ट के आदेश पर 25 जनवरी तक रिमांड पर लिया है.
सामने आई जानकारी के मुताबिक एसआईटी की टीम दोनों आरोपियों मांस तस्करी गिरोह की पूरी चैन और उनके अन्य सहयोगियों को लेकर पूछताछ कर रही है. गौ मांस का कहां से लाया जाता था और कहां भेजा जाता था. यह सभी सवालों के जवाब अब असलम चमड़ा और उसका चालक एसआईटी को देगा. इसके साथ ही गोमांस को भैंसे का मांस बताने वाले डॉक्टर को भी पुलिस नोटिस जारी कर सकती है.
दोनों आरोपियों को लेकर एसआईटी के अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस अवैध नेटवर्क और प्रतिबंधित मांस की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं. बता दें कि 17 दिसंबर को पुलिस मुख्यालय के सामने एक ट्रक पकड़ी गई थी, जिसमें 26 टन गोमांस मिलने की जानकारी सामने आई. पुलिस ने मौके पर ही गौमांस से भरे ट्रक के ड्राइवर गिरफ्तार किया था और फिर असलम चमड़ा की गिरफ्तारी की गई.
गठित की गई एसआईटी अपनी जांच के दौरान भोपाल नगर निगम के बूचड़खाने के भीतर गोवंश के वध को लेकर यह जानकारी जुटा रही है कि अगर यहां गौवंश का वध नहीं हो रहा था, तो फिर वहां से निकलने वाले पैकेटों में प्रतिबंधित मांस कैसे सामने आया. इसके साथ ही प्रतिबंधित मांस को कहीं बाहर से लाकर इस केंद्र पर केवल पैकेजिंग की जा रही थी क्या, अगर ऐसा है, तो वह अवैध वध स्थल कहां है और इस पूरे मामले में कितने लोग शामिल थे. इसके साथ ही असलम की फर्म ‘लाइवस्टॉक प्राइवेट लिमिटेड’ के कार्यबल के सभी कर्मचारियों के नाम और उनके काम का साक्ष्य भी जुटाया जा रहा है.
पुलिस कमिश्नर ने इस मामले में जांच के लिए एसआईटी का गठन किया. एसीपी उमेश तिवारी की अगुवाई में अन्य पुलिस विभाग के अधिकारी मामले की तहकीकात करने में जुटे हैं. एसआईटी की टीम अब जल्द ही पुलिस कमिश्नर को जांच रिपोर्ट में भेजेगी.
