वॉशिंगटन | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्विट्जरलैंड यात्रा के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब उनके आधिकारिक विमान ‘एयर फोर्स वन’ के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। सोमवार रात जॉइंट बेस एंड्रयूज से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विशेषज्ञों ने बिजली की समस्या महसूस की। सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए पायलट ने बिना किसी देरी के विमान को वापस बेस पर उतारने का निर्णय लिया। व्हाइट हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि राष्ट्रपति और उनके साथ मौजूद सभी सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और विमान की लैंडिंग बिल्कुल सामान्य रही।
एयर फोर्स वन को दुनिया के सबसे सुरक्षित और हाई-टेक विमानों में गिना जाता है, जहाँ छोटी से छोटी गड़बड़ी को भी नजरअंदाज नहीं किया जाता। व्हाइट हाउस के अधिकारियों के अनुसार, टेकऑफ के तुरंत बाद एक असाधारण स्थिति देखी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा मानकों के तहत तत्काल कार्रवाई की गई। अमेरिकी वायु सेना के विशेषज्ञ अब इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि यह खराबी किसी वास्तविक सेंसर की गलती थी या सिस्टम की गंभीर त्रुटि। जब तक पूरी जांच और संतुष्टि नहीं हो जाती, तब तक इस विशेष विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस अचानक आई बाधा के बावजूद राष्ट्रपति ट्रंप का स्विट्जरलैंड दौरा रद्द नहीं किया गया है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए राष्ट्रपति और उनकी टीम के लिए तुरंत एक वैकल्पिक विमान की व्यवस्था की, जिससे वे अपनी मंजिल के लिए रवाना हो चुके हैं। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि इस घटना का राष्ट्रपति के आगामी कार्यक्रमों या उनकी सुरक्षा पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा है। अधिकारी अब विमान के सभी महत्वपूर्ण हिस्सों की विस्तृत चेकिंग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रत्याशित तकनीकी समस्याओं से पूरी तरह बचा जा सके।

