
जबलपुर। संभाग के सबसे बड़े नेताजी सुभाषचंद्र मेडिकल बोस अस्पताल में मंगलवार सुबह से लेकर दोपहर तक हालात उस वक्त अराजक हो गए जब अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने वेतन न मिलने की वजह से कामबंद हड़ताल शुरू करते हुए डीन कार्यालय के सामने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। इस दौरान अस्पताल की सफाई व्यवस्था कई घंटों तक चरमरा गई जिसका खामियाजा सिर्फ मरीजों व उनके परिजनों को झेलना पड़ा।
हड़ताल के कारण मेडिकल के सभी वार्ड, ओपीडी और अस्पताल परिसर में गंदगी बढ़ने लगी और इसकी खबर जैसे ही मेडिकल अस्पताल प्रबंधन को लगी ठीक वैसे ही डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने मामले में संज्ञान लेते हुए आउटसोर्स कर्मचारियों को दो माह का वेतन भुगतान कराते हुए हड़ताल पर विराम दिलवाया। लेकिन सुबह से लेकर दोपहर तक कई घंटों तक मेडिकल में सफाई व्यवस्था लड़खड़ा गई।
जानकारी के अनुसार मेडिकल अस्पताल में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को बीते 4 माह से वेतन नहीं मिला है जिसके कारण कर्मचारियों में खासा आक्रोश पनप रहा था। इसी आक्रोश ने मंगलवार को विकराल रूप धारण उस वक्त कर दिया जब सभी कर्मचारियों ने कामबंद हड़ताल शुरू कर दी। डीन द्वारा सरकारी फंड से कर्मचारियों को दो-दो माह का वेतन भुगतान कराया गया है तब कहीं जाकर हालात काबू में आए।
