नई दिल्ली | भारत की दिग्गज शटलर और पूर्व विश्व नंबर-1 साइना नेहवाल ने आखिरकार पेशेवर बैडमिंटन को अलविदा कह दिया है। साइना ने अपने संन्यास की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके घुटनों का कार्टिलेज पूरी तरह घिस चुका है और वे अर्थराइटिस (गठिया) जैसी गंभीर समस्या से जूझ रही हैं। उन्होंने साझा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए जिस कड़ी ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है, उनका शरीर अब उसका साथ नहीं दे पा रहा था। महज एक-दो घंटे के अभ्यास के बाद ही उनके घुटनों में असहनीय सूजन आ जाती थी, जिसके चलते उन्होंने भारी मन से कोर्ट को छोड़ने का फैसला किया।
साइना पिछले दो वर्षों से किसी भी बड़े टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं रही थीं, जिसे लेकर खेल जगत में लगातार अटकलें लगाई जा रही थीं। अपनी चुप्पी तोड़ते हुए साइना ने कहा कि वे औपचारिक घोषणा में विश्वास नहीं रखती थीं और चाहती थीं कि लोग समय के साथ खुद उनकी अनुपस्थिति को स्वीकार कर लें। उन्होंने अपना आखिरी मैच 2023 के सिंगापुर ओपन में खेला था। साइना के अनुसार, उन्होंने अपने करियर की शुरुआत और अंत अपनी शर्तों पर किया है। रियो ओलंपिक 2016 के दौरान लगी घुटने की चोट उनके करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण मोड़ रही, जिससे उबरकर उन्होंने कई पदक जीते, लेकिन अंततः वही चोट उनके करियर के समापन का कारण बनी।
साइना नेहवाल का जाना भारतीय बैडमिंटन के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने 2012 लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था और वे ओलंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनी थीं। इसके अलावा उन्होंने अपने करियर में 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिताब, राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण और विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। साइना ने कहा कि हालांकि वे अब खेल नहीं रही हैं, लेकिन बैडमिंटन हमेशा उनके दिल के करीब रहेगा। उनके इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर खेल प्रेमियों और दिग्गजों ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान को याद किया है।

