
इटारसी। शहर और आसपास के इलाकों में बढ़ती पतंगबाजी अब आम जनजीवन के साथ-साथ रेलवे सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है। सोमवार सुबह करीब 9 बजे ट्रेन संख्या 11463 जबलपुर–वेरावल एक्सप्रेस के इंजन के पैंटोग्राफ में चाइनीस मांझा फंस गया, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति चिंताजनक हो गई।
यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से लगभग 20 मिनट पहले इटारसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-3 पर पहुंची थी, लेकिन पैंटोग्राफ में मांझा फंसे होने के कारण ट्रेन को करीब 8 मिनट की देरी से रवाना किया गया। सूचना मिलते ही रेलवे कर्मचारियों ने सतर्कता बरतते हुए इंजन की जांच की और सुरक्षित तरीके से चाइनीस मांझा निकाल दिया। इस पूरी कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कर्मचारी इंजन से मांझा हटाते नजर आ रहे हैं। समय पर कार्रवाई नहीं होती, तो बड़ा तकनीकी हादसा हो सकता था।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पैंटोग्राफ में मांझा फंसने से बिजली आपूर्ति बाधित होने का खतरा रहता है, जिससे ट्रेन की गति और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो सकती हैं। घटना की जानकारी टीआरएस (TRS) विभाग द्वारा संबंधित कर्मचारियों को तत्काल दी गई, जिससे स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सका।
इधर, चाइनीस मांझा शहर में आम लोगों की जान के लिए भी खतरा बनता जा रहा है। दोपहिया वाहन चालकों के गले में मांझा फंसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। 14 फरवरी को पढ़ाई के लिए पुरानी इटारसी जा रहे शुभम शर्मा आजाद पंजा चौराहे के पास चाइनीस मांझे की चपेट में आ गए थे, जिससे उनके गले में गंभीर चोट आई और छह टांके लगाने पड़े।
रेलवे प्रशासन ने एक बार फिर नागरिकों से अपील की है कि वे रेलवे बाउंड्री और ट्रैक के आसपास पतंगबाजी न करें। लापरवाही न केवल रेल संचालन को प्रभावित कर सकती है, बल्कि जान-माल के नुकसान का कारण भी बन सकती है। बावजूद इसके, शहर और आसपास के क्षेत्रों में खुलेआम पतंगबाजी जारी है, जिस पर रोक लगाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
