इंदौर | भारत और न्यूजीलैंड के बीच इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले जा रहे तीसरे और निर्णायक वनडे मैच में कीवी टीम को उस समय बड़ा झटका लगा, जब कप्तान माइकल ब्रेसवेल चोटिल हो गए। भारतीय पारी के दौरान फील्डिंग करते समय ब्रेसवेल की पिंडली (काफ) में खिंचाव आ गया, जिसके कारण उन्हें दर्द में मैदान छोड़ना पड़ा। कमेंटेटर साइमन डूल के अनुसार, यह ‘काफ स्ट्रेन’ की समस्या है और उनकी अनुपस्थिति में डेरिल मिचेल ने टीम की कमान संभाली। ब्रेसवेल का बाहर होना न्यूजीलैंड के लिए दोहरा झटका रहा, क्योंकि वे टीम के मुख्य स्पिन गेंदबाज और फिनिशर भी हैं।
ब्रेसवेल के अचानक बाहर होने से न्यूजीलैंड की गेंदबाजी यूनिट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। कप्तान के उपलब्ध न होने के कारण कीवी टीम एक प्रमुख स्पिन विकल्प से वंचित हो गई है। ऐसे में डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स जैसे पार्ट-टाइम गेंदबाजों को अधिक ओवर फेंकने पड़ रहे हैं। काइल जैमीसन और जैडेन लेनॉक्स जैसे मुख्य गेंदबाजों पर रनों की गति रोकने की जिम्मेदारी आ गई है। हालांकि न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 337 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, लेकिन ब्रेसवेल की गैरमौजूदगी में इस लक्ष्य का बचाव करना कीवी टीम के लिए एक कड़ी चुनौती बन गया है।
ब्रेसवेल की यह चोट केवल वनडे सीरीज तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी टी20 सीरीज के लिए भी चिंता का सबब बन गई है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 21 जनवरी से 5 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज शुरू होने वाली है, जिसमें ब्रेसवेल को टीम के उप-कप्तान के रूप में अहम भूमिका निभानी है। यदि उनकी चोट गंभीर पाई जाती है, तो वे नागपुर में होने वाले पहले मुकाबले से बाहर हो सकते हैं। कीवी मैनेजमेंट उनकी फिटनेस पर बारीक नजर रख रहा है और जल्द ही उनकी उपलब्धता को लेकर आधिकारिक बुलेटिन जारी किया जा सकता है।

