नयी दिल्ली, (वार्ता) देश के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर ये शीर्ष पदाधिकारी 25 से 27 जनवरी 2026 तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा भारत और यूरोपीय संघ के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अपनी इस यात्रा के दौरान दोनों यूरोपीय नेता 27 जनवरी को 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर कोई महत्वपूर्ण घोषणा की जा सकती है। इस समझौते के लिए पिछले कई महीनों से गहन बातचीत चल रही है और बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों ने व्यापार से जुड़े अधिकांश जटिल मुद्दों को सुलझा लिया है।
इन दोनो शीर्ष अधिकारियों का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात और प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता का कार्यक्रम है। इसके अतिरिक्त, शिखर सम्मेलन के इतर एक ‘भारत-यूरोपीय संघ बिजनेस फोरम’ के आयोजन की भी संभावना है। वर्ष 2004 से रणनीतिक साझेदार रहे भारत और यूरोपीय संघ के बीच फरवरी 2025 में यूरोपीय संघ के आयुक्तों की ऐतिहासिक भारत यात्रा के बाद से द्विपक्षीय संबंधों में काफी विस्तार हुआ है।
गणतंत्र दिवस समारोह में इनकी भागीदारी से दोनों पक्षों के बीच सहयोग और आपसी हितों के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को और मजबूती मिलेगी।
