रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने औपनिवेशिक मानसिकता को खत्म करने के लिए अफसरों के पारंपरिक काले सूट और कोट को हटाने की घोषणा की है। अब रेलवे 52 हफ्ते-52 सुधार पर फोकस करेगी।
भारतीय रेलवे अब अंग्रेजों के जमाने की पहचान से पूरी तरह मुक्त होने और खुद को समय के साथ बदलने की राह पर है। इसी क्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल अफसरों के लिए दशकों पुराने काले कोट के अनिवार्य ड्रेस कोड को समाप्त करने का ऐलान किया है।
रेल मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि ब्रिटिश काल से चले आ रहे बंद गले के काले सूट और कोट को अब औपचारिक पोशाक के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। यह फैसला केवल ड्रेस कोड का बदलाव नहीं, बल्कि रेलवे की कार्य संस्कृति से औपनिवेशिक मानसिकता को जड़ से मिटाने की बड़ी पहल मानी जा रही है।
