सीहोर। जिला कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती की अध्यक्षता में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई. गुजराती ने कहा कि मप्र कांग्रेस केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को खत्म करके विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन गारंटी ग्रामीण अधिनियम लागू करने की कड़ी निंदा करती है.
इस मजदूर-विरोधी कानून में पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मुख्य भूमिका है. शिवराज सिंह जो खुद को मामा और गरीबों का हितैषी बताते हैं. उन्होंने संसद में इस विधेयक को पेश करके ग्रामीण गरीबों के काम के अधिकार को कुचल दिया है. यह महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने का अपमान है और करोड़ों मजदूरों की लाइफलाइन छीनने की साजिश है.
राजीव गुजराती ने बताया कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में ज़हरीला एवं दूषित पानी पीने से अब तक 20 निर्दोष नागरिकों की मौत और एक हजार से अधिक लोगों के बीमार होने की भयावह घटना ने भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता और प्रशासनिक विफलता को उजागर कर दिया है. यह केवल हादसा नहीं, बल्कि शासन की लापरवाही का परिणाम है. आम नागरिकों की जान से खिलवाड़ के विरोध में कांग्रेस द्वारा रविवार को इंदौर के बड़ा गणपति मंदिर से राजवाड़ा चौक स्थित मां अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थल तक पैदल मार्च का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे. इस पैदल मार्च के माध्यम से कांग्रेस पार्टी की प्रमुख मांगें रहेगी कि इंदौर के नाकारा और असफल महापौर को तत्काल पद से हटाया जाए. अमर्यादित भाषा, असंवेदनशील रवैये के लिए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का तत्काल इस्तीफा लिया जाए. जहरीले पानी से हुई मौतों के लिए सरकार द्वारा घोषित 2 लाख रुपए का मुआवजा बढ़ाकर प्रति मृतक परिवार को 1 करोड़ रुपए दिया जाए. पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कर दोषियों पर गैर इरादतन हत्या का आरोप दर्ज करते हुए कठोर कार्रवाई की जाए. प्रदेश कांग्रेस कमेटी स्पष्ट करती है कि जब तक पीडि़त परिवारों को न्याय नहीं मिलेगा और दोषियों को सजा नहीं दी जाएगी, तब तक कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष करती रहेगी. यह पैदल मार्च विरोध ही नहीं, बल्कि जनता के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है.
